बिना पंजीयन के संचालित कोचिंग सेंटर पर प्रशासन सख्त कार्रवाई की मूड में है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की टीम जिले में संचालित कोचिंग सेंटर की जांच करेगी। बिना पंजीयन के चल रहे कोचिंग को बंद कराएगी। डीआईओएस ने इसके लिए टीम गठित की है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के अनुसार जिले में मात्र 17 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। हर साल जिले में नए कोचिंग सेंटर खुल रहे हैं। हर गली, नुक्कड़ पर कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। अधिकांश कोचिंग सेंटर के पास पंजीयन के अलावा संसाधन और बैठने तक के इंतजाम नहीं है। डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि -27 अगस्त से अभियान चलाकर कोचिंग सेंटर की जांच की जाएगी इसके लिए टीम बना दी गई है।
बताया कि कोचिंग सेंटर चलाने वाले संचालकों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य हैं। 75 छात्रों पर 15 हजार और इसके ऊपर छात्रों की संख्या पर 25 हजार रुपये पंजीयन शुल्क निर्धारित है। इसके अलावा कुछ मानक है। जिनका ध्यान देना बहुत ही जरुरी है। उनका भौतिक सत्यापन के बाद ही पंजीयन किया जाता है। संवाद