भदोही जिला मुख्यालय सभागार में बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान लंबे समय से बंद पड़ी औराई चीनी मिल परिसर में बायोफ्यूल प्लांट लगाने को सीएम ने हरी झंडी दे दी। सांसद और विधायकों ने समस्याएं और उपलब्धियां गिनाईं। अधूरी परियोजनाओं, पुल निर्माण, किसान समस्याओं, सड़कों की दशा सुधारने की मांग की।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार भदोही आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औराई चीनी मिल को दोबारा चालू करने की बजाए उसके परिसर में 1200 करोड़ की लागत से बायोफ्यूल प्लांट लगाने की संभावना जताई थी। बुधवार को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी।
अब जिला प्रशासन इस पर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेगा। जिला प्रशासन ने मुख्यालय पर 58.28 लाख करोड़ से बनने वाले 18 कोर्ट रूम निर्माण पर कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड सोनभद्र को 55.37 करोड़ जारी होने, व्यय की गई धनराशि की भौतिक प्रगति 90 प्रतिशत बताकर कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी।
बताया कि 102 मीटर बाहरी दीवार एवं वाह्य स्थल के विकास कार्य अभी बचे हैं। इसके लिए 74.82 करोड़ का इस्टीमेट भेजा गया है। सांसद रमेशचंद बिंद ने सरपतहां-मुख्यालय पर बने 100 शैया के जिला चिकित्सालय को पूरा कराने और निर्माण में हुई वित्तीय गड़बड़ी की जांच की मांग रखी।
विधायक औराई दीनानाथ भाष्कर ने मुख्यमंत्री से पुरानी तहसील में डाक बंगला बनवाने, ओडीआर के माध्यम से गोपीगंज से चकवा तक रास्ते को दुरुस्त कराने, नहरों पर जर्जर हो चुके छोटे-बड़े पुलों के निर्माण की ओर ध्यान आकृष्ट कराया।
इसी तरह कोविड हॉस्पिटल, कोविड केयर सेंटर, शहरी-ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा में प्रवासी मजदूरों का विवरण, घर-घर नल योजना, कर-करेतर, सांसद निधि एवं विधायक निधि की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। इस मौके पर भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, डीएम राजेंद्र प्रसाद समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।