मानदेय के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते स्वच्छता नायक।
गंगा से सटे गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए तैनात स्वच्छता नायकों ने मानदेय न मिलने पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि विभागीय उदासीनता से उन्हें छह माह का मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को दर्जन भर से अधिक की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे स्वच्छता नायकों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। पत्रक में आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत उनका चयन किया गया है। प्रतिदिन सुबह-शाम गांव में लोगों को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करते हैं। उसके अलावा शौचालयों के निर्माण से लेकर अन्य कार्यों को देखते हैं। कड़ी मेहनत के बाद भी उनके मानदेय को देने में उदासीनता बरती जा रही है।
जनवरी से मई तक का मानदेय न मिलने से उनके सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। डीएम से अविलंब मानदेय दिलाने की मांग की। इस मौके पर शिवशंकर, आनंद, बृजेश, रेखा ा, संजय, सुनील, धर्मेंद्र कुमार आदि रहे।