सफाई कार्य के लिए कलेक्ट्रेट जाते समय हार्ट अटैक से सफाईकर्मी अभ्यर्थी की मौत हो गई।
अभ्यर्थी की मौत के बाद साथियों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे आला अफसरों ने समझा बुझाकर शांत कराया।
वर्ष 2007 में धांधली के चलते जिले में अटकी सफाईकर्मी पद की नियुक्ति को लेकर पहली बार आवेदन करने वाले अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
कभी अनशन तो कभी गांधीवादी तरीके से सफाई कर विरोध जता रहे हैं। जिला मुख्यालय पर पिछले सात माह से अभ्यर्थी सफाई कर विरोध जता रहे हैं।
तीन दिन पूर्व एक अभ्यर्थी की किडनी खराब होने से जहां मौत हो गई थी वहीं बृहस्पतिवार को हृदयगति रुकने से अभ्यर्थी रविकांत (35) पुत्र मोतीलाल निवासी चकनिरंजन की मौत हो गई। सफाई कर रहे अन्य अभ्यर्थी उसे जिला अस्पताल लेकर आए।
डाक्टरों की ओर से मृत घोषित करने के बाद अन्य अभ्यर्थियों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। सूचना की खबर लगते ही कोतवाली प्रभारी रमेश पांडेय मयफोर्स के साथ अस्पताल में पहुंच गए। अफसरों के समझाने पर अभ्यर्थी शांत हो गए।
पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिवार वालों को सौंप दिया। हादसे की खबर लगने के बाद परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अभ्यर्थियों ने चंदा एकत्रित कर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार वालों को पांच हजार रुपये दिया।