इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष डा. देवेंद्र नाथ दुबे ने कहा कि 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम में कांग्रेस ने 80 प्रतिशत किसानों की सहमति किसी भी प्रकार के कार्य के लिए ली थी।
मोदी सरकार ने उसके उलट विकास कार्यों की आड़ में पूंजीपतियों के कारखानों के लिए 80 प्रतिशत किसानों की सहमति को हटाने का कार्य विधेयक में किया है। कहा कि मोदी सरकार किसानों का गला काट रही है।
महात्मा गांधी ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन मोदी सरकार ने जो विधेयक पेश किया है, वह उन किसानों की आत्मा को ठेस पहुंचाने वाला है।
नया अध्यादेश किसानों के लिए अभिशाप है। यही किसान और नौजवान सरकार को सबक सिखाएंगे। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता शारदा प्रसाद ने की। प्रदर्शन करने वालों में दुर्गा प्रसाद गुप्ता, दीनानाथ दुबे, लक्ष्मीशंकर चौबे, जफर खां, नागेंद्र नाथ पांडेय, शिवधारी शुक्ला, राम अशीष दुबे, संजय जायसवाल आदि मौजूद रहे।
संचालन डा. आशुतोष पांडेय ने किया।