ग्रीष्मावकाश के बाद मंगलवार को परिषदीय विद्यालय गुलजार हो गए। डेढ़ महीने बाद विद्यालय पहुंचे बच्चों का गुरुजनों ने शानदार ढंग से स्वागत किया। चंदन-रोरी का तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर नौनिहालों का अभिनंदन किया गया। शिक्षकों के स्वागत से बच्चों के चेहरे खिल गए। स्कूलों में बच्चों का पहला दिन मौज-मस्ती के बीच गुजरा।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैराखास में जिपं अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, डीएम शैलेश कुमार ने बच्चों का रोली लगाकर स्वागत किया। बच्चों से डीएम ने संवाद कर नि:शुल्क पुस्तक दिया। इस दौरान स्कूल चलो अभियान की रैली रवाना किया। इस दौरान आईसीटी लैब का शुभारंभ कर छात्रों को समर्पित किया गया।
डीएम ने कहा कि आईसीटी लैब में नवाचार आधारित विभिन्न उपकरण, सूक्ष्मदर्शी परखनली, ग्लोब, ब्रम्हाण्ड चित्र, आदि उपलब्ध है। जिनके प्रयोग और ज्ञान से बच्चों को वास्तविक जानकारियों से अवगत होने का अवसर प्राप्त होगा। 46 अधिकारियों ने आवंटित स्कूल में जाकर छात्र/छात्राओं का स्वागत किया।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के मंशा के अनुरूप कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। जो बच्चे शिक्षा के योग्य हो गए हैं उनको शत-प्रतिशत विद्यालय में पंजीकृत कराएं। प्रभारी बीएसए विकास चौधरी ने कहा कि 15 जुलाई तक स्कूल चलो अभियान के माध्यम से बच्चों का नामांकन किया जाएगा।
कंपोजिट विद्यालय भुलईपुर में बच्चों का शिक्षक संजय कुमार कुशवाहा ने तिलक लगाकर स्वागत किया। इस मौके पर अजय कुमार सिंह, चंद्र भूषण मिश्र, सूर्य भूषण पटेल, वीरेंद्र कुमार, पंकज कुमार, रविन्द्र बच्चन, जय प्रकाश पटेल, सुशील कुमार सिंह आदि रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुर को रंगोली व गुब्बारा से विद्यालय को सजाया गया।
स्कूल चलो अभियान के तहत स्कूल चलो रैली निकाली गई। रैली वापस आने पर बच्चों को हलवा खिलाकर मुंह मीठा कराया गया। इस मौके पर प्रधानाध्यापिका सतगुरु प्यारी श्रीवास्तव, अखिलेश कुमार, विमल कुमार मिश्रा, शिवम श्रीवास्तव, तृप्ति श्रीवास्तव, सारिका श्रीवास्तव आदि रहे।
इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल गंगापुर में बच्चों का तिलक और रोली लगाकर नए सत्र में स्वागत किया गया। सहायक अध्यापिका यासमीन बानो आदि रहीं। कंपोजिट विद्यालय चितईपुर में प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर अरविंद कुमार पाल, राजेश्वर प्रसाद, लालचंद, अंजलि जायसवाल, सियाराम पाल, अन्नू सिंह, सुधा, माला आदि रहीं।