प्राथमिक विद्यालय में किताब पढ़ते बच्चे। स्रोत स्कूल
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की भाषा दक्षता और पढ़ने की रुचि बढ़ाने के लिए रीडिंग गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। अभियान के तहत विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकें और पाठ पढ़वाए जा रहे हैं। साथ ही कठिन शब्दों के सरल अर्थ समझाकर उनकी शब्दावली और समझ विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक किताब पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
महानिदेशक बेसिक शिक्षा का पत्र आने पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी 885 परिषदीय विद्यालयों में रीडिंग गतिविधियों का संचालन शुरू करा दिया गया है। बीएसए शिवम पांडेय का कहना है कि नियमित अभ्यास से बच्चों की शब्दावली समृद्ध होगी। उच्चारण में सुधार आएगा और उनकी अभिव्यक्ति क्षमता भी बेहतर होगी। गतिविधियों के दौरान बच्चों को पढ़ी गई सामग्री पर चर्चा करने और प्रश्नों के उत्तर देने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि रीडिंग गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।