ब्लॉक में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले नौनिहालों को न तो हाॅटकुक्ड मिल पा रहा है और न ही पोषाहार। इससे केंद्रों पर आने वाले बच्चे कुछ समय में ही घर चले जाते हैं। कई केंद्रों पर तो अक्सर ताला लटका रहता है। परिषदीय विद्यालयों में चलने वाले केंद्रों में बेसिक शिक्षा विभाग की कृपा से बच्चों को मिड डे मील मिल पाता है। विभागीय उदासीनता के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को मुंह चिढ़ा रहा है।
औराई ब्लॉक में कुल 308 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें तीन से पांच वर्ष तक के करीब 25 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकार ने हाॅटकुक्ड एवं पोषाहार योजना शुरू की है। ब्लॉक के करीब 200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रो पर चार महीने से हाॅटकुक्ड ही नहीं बना है। इतना ही नहीं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचने वाला पोषाहार भी हर महीने उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
औराई ब्लॉक के जेठूपुर, पुरूषोत्तमपुर, औराई समेत ज्यादातर गांवों में में एक जैसी ही स्थिति है। सीडीपीओ रीता अवस्थी ने बताया की चार महीने से बच्चों को पका पकाया भोजन देने के लिए कन्वर्जन राशि नहीं आ रही है। मार्च में यह राशि आई है, जिसे अब भेजा गया है। दिसंबर 2024 से पोषाहार शासन स्तर से ही नहीं आया है। मार्च में पोषाहार आने की संभावना है। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।