ज्ञानपुर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में धांधली थम नहीं रही है। डीघ ब्लॉक में एक मुख्य सेविका को बिना ड्यूटी दो माह के वेतन का भुगतान हो गया। मामला संज्ञान में आने पर मई का वेतन रोका गया।
ग्रामीण एवं नगरीय अंचलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी करने के लिए हर ब्लॉक में आठ से 10 मुख्य सेविकाएं होती हैं। सभी के पास सात से आठ न्याय पंचायत में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण आदि का अवलोकन करती हैं। अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने 15 मार्च को आईजीआरएस पर प्रार्थना पत्र देकर मुख्य सेविका पर बिना ड्यूटी वेतन लेने का आरोप लगाया था। साथ ही जिले की बजाए गुजरात प्रांत में मौजूद होने के आरोप लगाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने प्रकरण की जांच की। इसमें ब्लॉक स्तरीय अधिकारी की ओर से कहा गया कि उपार्जित अवकाश लिया गया। हालांकि उसकी कापी उन्हें नहीं दी गई है। तीन जून को दोबारा निरीक्षण करने पर भी मुख्य सेविका मौजूद नहीं मिली। बिना उपस्थिति के रजिस्टर पर हस्ताक्षर बनाकर मार्च संग अप्रैल का वेतन दिया गया। डीपीओ ने बताया कि सीडीपीओ और मुख्य सेविका के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। मुख्य सेविका का लोकेशन पता करने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र दिया गया है।