भदोही कोतवाली क्षेत्र के कस्तूरीपुर गांव में मंदिर परिक्रमा के दौरान मुख्य पुजारी की मौत हो गई। घटना के समय बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद थे।
शुरू में लोग इसे आस्था के अनुसार माता की सवारी माना, लेकिन जब कुछ देर तक नहीं वे उठे तो लोग उनके पास पहुंचे। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी चिकित्सालय में पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मोढ़ चौकी के कस्तूरीपुर निवासी बद्री नारायण (70) गांव के प्राचीन दुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी थे। हर साल गांव में माता रानी को कड़ाही चढ़ाने की परंपरा का निर्वहन होता था। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में आखिरी दिन कड़ाही चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती थी। मुख्य पुजारी बद्री नारायण बीते 25 साल से यह पूजा देते थे।
हर साल की तरह इस साल भी माता रानी के वार्षिक पूजनोत्सव का अनुष्ठान बीते 12 फरवरी को शुरू हुआ। दो दिन भागवत पाठ कराया गया। शुक्रवार को मुख्य कड़ाही पूजन का आयोजन होना था।
मंदिर पर मुख्य पूजा व दुर्गा देवी का कराहा चढ़ने की तैयारी चल रही थी। आयोजक व पुजारी बद्री नारायण यादव ने हवन अनुष्ठान के पहले करीब 12 बजे माता रानी के मंदिर की परिक्रमा शुरू की।
इस दौरान मंदिर पर सैकड़ों लोगों की भीड़ थी। बताया जा रहा है कि दूसरे चक्र परिक्रमा के दौरान अचानक वे गिर गए। पहली दफा में लोगों ने इसे लोक परंपराओं के अनुसार माता रानी की सवारी मानी, लेकिन कुछ देर तक नहीं उठे तो लोग उनके पास पहुंचे और देखा कि वे अचेत पड़े हुए थे।
आनन-फानन में उन्हें सुरियावां सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।