सीबीआई अफसर बनकर शिक्षकों से अवैध वसूली करने वाले तुलापुर रोही के सहायक अध्यापक अनुराग तिवारी के खिलाफ विवेचना पूरी हो गई है। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेज दिया। जून में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
गोपीगंज के सुजातपुर गांव निवासी पुनीत कुमार तिवारी ने अपने अधिवक्ता सुरेश कुमार के माध्यम से मई 2024 में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके अनुसार पांच अप्रैल को शाम छह बजकर 15 मिनट पर उसके घर पर अनुराग तिवारी पहुंचा। स्वयं को सीबीआई का अफसर बताते हुए उसके बारे में घर वालों से पूछताछ करने लगा। पिता से कहा कि आपका लड़का अपराध करता है। उसके साथ पूरे परिवार को भी जेल जाना पड़ेगा।
पिता के फोन करने पर घर पहुंचा और जांच की तो पता चला कि वह डीघ के प्राथमिक विद्यालय तुलापुर रोही में सहायक अध्यापक है। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबिहा खातून ने गोपीगंज पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए थे। करीब एक महीने बाद जून में पुलिस ने शिक्षक पर केस दर्ज किया। विवेचना में आरोपों की पुलिस ने जांच की, जिसमें उक्त शिक्षक की तरफ से जालसाजी का मामला सामने आया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेज दिया। आरोप में घिरे शिक्षक को विभाग ने पहले ही निलंबित कर दिया है।