जिले में हवा की दिशा में बदलाव हुआ है, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिल रही है। शुक्रवार को पछुआ से पुरुआ हवा गतिमान रही। दिन भर धूप खिली रही। इसके बाद भी गलन का अहसास हुआ।
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फमारी के बाद से बीते दो सप्ताह से ठंड का सितम जारी है। रोजाना तापमान में उतार-चढ़ाव होने के बाद से सुबह शाम लोगों को गलन महसूस हो रहा है। ठंड इस कदर है कि लंबी दूरी का सफर तय करना मुश्किल हो गया है। बिना हेलमेट और ग्लव्स के बाइक चलाना चुनौतीपूर्ण है।
शहरी बाजारों में कहीं-कहीं अलाव जलते दिख जाते हैं, लेकिन ग्रामीण अंचल के अधिकांश बाजारों में अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं है। दुकानदार कूड़ा करकट एकत्रित करके अलाव जलाते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा। कोहरा का प्रभाव बढ़ सकता है।