मौसम का मिजाज बदल गया है। दिसंबर से गलन भरी सर्दी ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। ठंड बढ़ने से किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद है। मौसम विज्ञानी का कहना है कि अभी सर्दी और बढ़ेगी। साथ ही कोहरा भी बढ़ेगा। बूंदाबांदी की संभावना भी है। इससे फसलों पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, जबकि कुछ सब्जियों पर ठंड और कोहरा का असर पड़ सकता है।
रबी की फसलों की अगेती बुआई लगभग हो चुकी है। सर्दी बढ़ने से फसलों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। गर्मी में सूखे की मार झेल चुके किसानों को कुछ उम्मीद की किरणें नजर आ रहे हैं। मकनपुर निवासी किसान हिरामणी यादव ने कहा कि सर्दी बढ़ने से अच्छी फसल होने की उम्मीद जगी है। यह मौसम रबी की सभी फसलों के लिए अच्छा है। ठंड बढ़ने से मटर, सरसों, गेहूं आदि की फसलों में दाना अच्छा पड़ता है। इससे किसानों की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। बलभद्रपुर के किसान कमलेश पाल का कहना है कि तापमान गिरने से अच्छी फसल होने की उम्मीद जगी है। जैसा मौसम चल रहा है, वैसा ही मौसम यदि कुछ दिनों तक रहा तो अच्छा होगा। थोड़ी पानी गिर जाए तो और भी अच्छा होगा। रबी की फसल में पानी डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी। साथ ही पैदावार भी अच्छी होगी। बेजवां के डॉ. एके चतुर्वेदी ने बताया कि इस मौसम में ज्यादातर ठंड वाली सब्जियों की बुआई हुई है। इससे सब्जियों पर ठंड का असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कोहरा और पाला पड़ने से टमाटर और आलू की पत्तियों रोग लगने की आशंका है। जिला कृषि अधिकारी एके प्रजापित ने बताया कि ठंड के साथ ही कोहरा भी फायदेमंद है। कोहरे से छोटी छोटी बूंद यानि ओस का पानी मिलने से फसल में नमी बनी रहेगी। अधिक बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि ठंड खेती के लिए मुफीद है। रबी की फसल में मटर, गेहूं, सरसों, मसूर आदि के लिए तापमान कम होने से अच्छी पैदावार की संभावनाएं रहती हैं।