भदोही। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था, चुनाव में अर्हता समेत कई अन्य नियमों में परिवर्तन का प्रस्ताव किया है। अब तक अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का कोई नियम नहीं था, लेकिन नए प्रस्तावों में अध्यक्ष के खिलाफ दो वर्ष के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाया भी जा सकेगा। सीईपीसी की ओर से बॉयलॉज में संशोधन को लेकर नए प्रस्तावों की प्रति जिले के कालीन निर्यातकों को सौंपी गई है। सीईपीसी ने निर्यातकों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं।
सीईपीसी के बायलॉज में संशोधन को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने प्रस्ताव भेजा है। सीईपीसी की ओर से संशोधित किए गए बायलॉज में कई नए नियमों को शामिल किया गया है। निर्यातकों की सहमति के बाद केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय की मुहर लगते ही एक अप्रैल 2025 से नए प्रस्ताव लागू कर दिया जाएगा। कुछ बदलावों को छोड़ दिया जाए तो भदोही के कालीन निर्यातकों ने नए प्रस्तावों का स्वागत किया है। वाणिज्य मंत्रालय के नए प्रस्तावों में सबसे बड़ा बदलाव परिषद चुनाव के आरक्षण को लेकर है। नए प्रस्तावों में क्षेत्रवार आरक्षण समाप्त कर अब प्रशासनिक समिति में एक महिला उद्यमी, एक नव उद्यमी (40 वर्ष से कम), एक स्टार्टअप प्रतिनिधि, एक प्रतिनिधि नार्थ इस्ट से तथा एक प्रतिनिधि पर्वतीय क्षेत्र से होना आनिवार्य होगा। इसके साथ ही नए प्रस्तावों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए अंतिम दो वर्षों में प्रति वर्ष 10 करोड़ का निर्यात होना अनिवार्य होगा। अब चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर दो तिहाई बहुमत से हटाया जा सकेगा। इन सभी बिंदुओं का कालीन निर्यातकों की ओर से समीक्षा की जा रही है। ज्यादातर बिंदुओं पर निर्यातकों की सहमति देखने को मिल रही है।