साथ ही मसर्रत समेत सभी अलगाव वादियों को देश से बाहर भेजने की मांग की।
व्यापारी महेश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि देश विरोधी तत्वों को देश से बाहर करने की जरूरत है। जम्मू कश्मीर की पीडीपी सरकार से गठबंधन करने वाली भाजपा ठोस कदम उठाए।
कांग्रेस पर आंतक को लेकर ढील देने का आरोप लगाने वाले प्रधानमंत्री को अब ठोस कदम उठाने की जरूरत है। जल्द ही आतंकवादियों एवं अलगाव वादियों के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आम आदमी के मन में प्रधानमंत्री के प्रति जो भावनाएं है वह आहत हो जाएंगी।
सुभाष चंद्र यादव और सुरेश पाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न अंग हैं। वहां पर कश्मीरी पंडितों को जल्द से जल्द बसाया जाए। कश्मीर में सेना को खुली छूट देकर अलगाव वादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए कहा जाए।
पुतला दहन में बूटी दूबे, डा. अनिल श्रीवास्तव, डा. बीएस श्रीवास्तव, सिंटू कुमार बिंद, आलोक रंजन, रत्नेश सिंह, पांडव शर्मा, मो. अशफाक, मो. इमरान, रघुनाथ मालवीय, जज्जू यादव, वृजेश कुमार यादव सहित कई लोग शामिल रहे।