सीतामढ़ी। कीटनाशक पदार्थ का सेवन करके जान देने वाली मां बेटी की मौत से अरई गांव में मातम का माहौल है। आसपास के लोगों की मानें तो परिवार दो से तीन लाख रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। मृतक सुमन तगादे से परेशान हो चुकी थी। आर्थिक तंगी से परिवार में आए दिन लड़ाई झगड़ा और कलह होता रहता था। मृतका की सास महराजी देवी ने बताया कि उनकी शादी गोपीगंज थाना क्षेत्र के गुदरीपुर गांव में हुई है। यहां मायके में अपने पिता की संपत्ति मिली है इसलिए वे अब यहीं रहने लगी। यहां पर लगभग आठ बीघा जमीन और पक्का मकान नेवासा में पिता की ओर से मिला है। महराजी ने बताया कि चार बेटों में छोटे बेटे का निधन हो चुका है, जबकि अनिल तिवारी, सुनील तिवारी और सुशील तिवारी का परिवार एक ही घर में उनके साथ रहता है। आय का कोई साधन नहीं है।
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मृतका ने भाई ने लगाया हत्या का आरोप
परिजनों ने बताया कि मृतका सुमन के परिवार पर दो से तीन लाख रुपये का कर्ज हो गया था। बताया जा रहा है कि आय का कोई साधन न होने और लगातार कर्ज के तगादा के कारण परिवार मानसिक रूप से परेशान था। मृतका के दो बेटे थे, लेकिन कोई काम न मिलने के कारण वे भी परेशान रहते थे। घर पर कर्जदारों के आने के कारण अक्सर विवाद की स्थिति भी बनती थी। हालांकि मृतका के भाई डिघिया मेजा, प्रयागराज निवासी शारदा प्रसाद पांडेय ने मृतका की सास पर हत्या का आरोप लगाया और कोईरौना थाने में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष कोइरौना मनोज कुमार ने बताया कि मृतका के भाई ने जमीन विवाद में सास सहित परिजनों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है।
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....मैं मर जाऊं तो क्या कर्ज वापस हो जाएगा?
मृतका की सास महराजी देवी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह बता रही हैं कि सुमन ने समूह आदि से काफी कर्ज ले रखा था। जिससे उसका परिवार कर्ज में डूबा हुआ था। समूह और वीसी के लोग प्रतिदिन तगादा करने घर आते थे। कर्ज वापिस करने के लिए तरह-तरह के दबाव बनाते थे। कई बार कर्ज मांगने वालों से बहू को यह कहते हुए सुना था कि मैं मर जाऊं तो क्या कर्ज माफ हो जाएगा। इस पर समूह के लोग बोलते थे कि पूरा रुपया वापिस मिल जाएगा। वह काफी दबाव में थी। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
कई छोटे-छोटे समूहों से ले रखा था कर्ज
परिजनों ने बताया कि मृतका ने कई समूहों से छोटे-छोटे कर्ज ले रखे थे। हर दिन वे उसके घर पर कर्ज मांगने आते थे। जिससे वह दबाव में थी। माना जा रहा है कि इसी दबाव के कारण कोई रास्ता न सुझने पर उसने यह कदम उठाया होगा। हालांकि मृतका के भाई के हत्या के तहरीर के बाद इस मामले में एक नया एंगल भी सामने आया है।