सुरियावां ब्लॉक के विष्णूपुर गांव में विकास कार्यों में दो लाख से अधिक के गबन के मामले में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी समेत चार लोगों पर कार्रवाई की गाज गिर गई है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने चारों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई से गड़बड़ी करने वाले प्रधानों और कर्मचारियों में खलबली मची है।
सुरियावां ब्लॉक के विष्णूपुर गांव के रमेश मौर्य और अन्य ग्रामीणों ने गत दिनों जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान ओम प्रकाश पाल पर गांव में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में धन के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। इस पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच की जिम्मेदारी जिला सेवायोजन अधिकारी और अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को दी गई। जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
नोटिस के आधार पर उपायुक्त रोजगार मनरेगा से जांच कराई गई।जांच के दौरान एक लाख 95 हजार 179 रुपये का गबन पाया गया। विकास कार्यों के सरकारी धन के गबन के मामले को डीएम ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधान ओम प्रकाश, तकनीकी सहायक रामानंद, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव ओम काजी श्रेष्ठ और शेष नारायण दुबे के खिलाफ सुरियावां थाने में केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।