प्रेरणा पोर्टल पर सभी अभिलेख ऑनलाइन होने के बाद प्रदेश स्तर पर बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रमाणपत्र संदिग्ध मिले। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालय एवं बोर्ड से अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। इसमें जिले में 13 शिक्षक ऐसे मिले जिनके आचार्य, शास्त्री, वीएड, यूपी बोर्ड के प्रमाणपत्र या तो फर्जी थे या दूसरे विद्यार्थी के नाम पर अंकित थे।
डीएम विशाल सिंह ने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराने की संस्तुति की। ज्ञानपुर के बीईओ मनोज सिंह की तहरीर पर पुलिस ने शुक्रवार रात में पूर्व माध्यमिक विद्यालय कसिदहां के सहायक अध्यापक संजय कुमार सिंह निवासी इमामशाहपुर गुत्तवन जौनपुर के खिलाफ जालसाजी, में केस दर्ज किया।
बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया फर्जी अभिलेख पर नौकरी करने पर 13 शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है। इसमें चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। नौ के खिलाफ संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की तरफ से तहरीर दी गई है। उन पर भी जल्द केस दर्ज हो जाएगा।