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Bhadohi News: मेले में पहले दिन 30 देशों के 153 आयातक पहुंचेे

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भदोही। जिले में आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय कालीन महाकुंभ में पहले ही दिन रिकार्ड 30 देशों के 153 विदेशी खरीदारों ने हिस्सा लिया। सीईपीसी के अनुसार विदेशी खरीदारों ने विभिन्न कालीनों की गुणवत्ता को परखा। कई आयातक कालीनों के सैंपल भी अपने साथ ले गए।
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अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला बीते तीन सालों से जिले में बने कारपेट एक्स्पो मार्ट में आयोजित हो रहा है। कालीन मेले को भव्य बनाने के लिए आयोजन समिति कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) बीते कई दिनों से तैयारी में जुटा था। इस बार मेले में 67 देशों 500 सौ से ज्यादा बॉयर और उनके प्रतिनिधि के अलावा देश के विभिन्न प्रांतों से 260 निर्यातक हिस्सा ले रहे हैं।
मेले में आने वाले मेहमानों को रुकने के लिए वाराणसी के होटल में व्यवस्था की गई है। सीईपीसी के अनुसार पहले दिन अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, फ्रांस, कनाडा, इस्रराइल, टर्की, जापान, रूस, यूएसए, यूके, इटली, स्वीडेन, जर्मनी, नीदरलैंड, पोलैंड समेत कुल 30 देशों के आयातकों ने हिस्सा लिया। शाम तक मार्ट में करीब 153 आयातक व उनके प्रतिनिधि पहुंचे। आयातक अपनी जरूरत के हिसाब से स्टॉलों पर जाकर कालीन की बारीकियों को देखा। आयातकों को इससे अच्छे ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
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एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए कटिबद्ध
उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन, कपड़ा के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि देशभर के 20 लाख लोग इस रोजगार से जुड़े हैं। जिसमें सबसे अधिक बुनकर और कमजोर वर्ग के लोग हैं। सरकार एमएसएमई सेक्टर की इकाइयों को प्रोत्साहित करने को कटिबद्ध है। उन्होंने नवंबर-दिसंबर तक मार्ट की सारी कमियों को दुरूस्त कर नए साल से मार्ट के नियमित संचालन का निर्देश दिया। संचालन सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य पीयूष बरनवाल और अध्यक्षता चेयरमैन कुलदीप राज वाटल ने किया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष रवि पटौदिया ने स्वागत करते हुए कालीन उद्योग की जरूरतों को रेखांकित किया। बताया कि यह भविष्य संवारने और रोजगार देने वाला उद्योग है। हाईटेक युग में कालीन 29 प्रोसेस से होकर गुजरती है। जिसमें सभी काम हाथ से होते हैं। कालीन उद्योग कृषि उद्योग के ही समान है, लेकिन अब तक इसे कृषि उद्योग का दर्जा नहीं मिला। निर्यात परक इस उद्योग की डब्ल्यूटीओ लागू होने से पहले तमाम सुविधाएं थी, लेकिन अब वे कम हो गई हैं। अगर सुविधाएं मिले तो उद्योग और बढ़ेगा।
ईएसआई हॉस्पिटल के लिए जमीन तलाशने का निर्देश

भदोही। स्थालीय सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कालीन उद्योग के विकास की मांग रखी। उन्होंने कालीन व्यवसाय से जुड़े श्रमिकों के लिए जिले में ईएसआई हॉस्पिटल खोलने की बात रखी। जिस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जिलाधिकारी विशाल सिंह को इसके लिए जमीन तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जमीन तलाश तक इसकी रिपोर्ट भेजी जाए। इसके अलावा उन्होंने जिले में स्पीनिंग प्लांट खोलने को भी कहा। जिसमें जूट और फाइबर तैयार हो सके। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए सामर्थ्यवान लोगों को आगे आने को कहा।
ये रहे मौजूद : मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, विधायक दीनानाथ भास्कर, विपुल दुबे, काशी प्रांत मंत्री आशीष सिंह बघेल, पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष सोहन श्रीमाली, एमएसएमई प्रमुख सचिव आलोक कुमार, सीईपीसी से वासिफ अंसारी, रवि पाटोदिया, असलम महबूब, संजय गुप्ता, महावीर प्रताप राजा शर्मा आदि आदि रहे।
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