भदोही। वाराणसी, मिर्जापुर, वाराणसी परिक्षेत्र के लोगों का यह सौभाग्य है कि वे कालीन उत्पादन क्षेत्र के रहने वाले हैं। यह उद्योग लाखों की संख्या में महिलाओं पुरुषों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। हम सब की यह जिम्मेदारी बनती है कि इस उद्योग की खुशहाली के लिए मिलकर काम करें। ये बातें शनिवार को मर्यादपट्टी स्थित ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) सभागार में सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने कालीन उद्यमियों के साथ बैठक में कही।
सांसद ने सुझाव दिया कि आप लोग कालीन उद्योग के लिए एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाएं और हमें बताएं, ताकि मैं कालीन उद्योग की न्यूनतम आवश्यकताओं पर गंभीर होकर कम कर सकूं। मैं आप लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हर जनप्रतिनिधि यह चाहेगा कि वो जनप्रतिनिधि रहे या न रहे उसके जाने के बाद भी लोग उसे याद करें। कालीन उद्योग के बारे में मुझे जितनी जानकारी है मैंने शुरुआत कर दी है। आप लोगों के सहयोग से मैं चाहे प्रधानमंत्री हों या मुख्यमंत्री उनसे मिल कर गंभीर प्रयास करूंगा ऐसा विश्वास दिलाना चाहता हूं। इसके पूर्व कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन कुलदीप राज वाटल और एकमा के मानद सचिव पियूष बरनवाल ने सांसद को मौजूदा समय में केंद्र सरकार की जो भी योजनाएं थी वह सब बंद कर दी गई हैं। सीईपीसी चेयरमैन ने कहा कि जितनी भी केंद्र यहां तक की कारपेट एक्सपो कराने के लिए भी सरकार का ग्रांट नहीं मिलने से हम महंगे दर पर स्टॉल निर्यातकों को दे पाते हैं। मानद सचिव ने कहा कि वर्तमान में जिले में ट्रांसपोर्ट, ट्रेन, परिवहन व्यवस्था के साथ साथ आंतरिक सड़कों को बेहतर किए जाने पर जोर दिया। इसके अलावा अधिकतर कालीन उद्यमियों ने कश्मीर सरकार की तर्ज पर जीआई टैग वाले कालीनों को कैश इंसेटिंव दिए जाने की सांसद से मांग की।
हाजी शौकत अंसारी, यादवेंद्र कुमार राय, हाजी अब्दुल रब, आलोक बरनवाल, असलम महबूब, अश्फाक अंसारी, इरफान अहमद, जेएस जैन ने क्षेत्र की समस्याओं की ओर सांसद का ध्यानाकृष्ट कराया। कार्यक्रम में एकमा के अलावा ऑल इंडिया कारपेट यार्न स्पिनर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन (एसिस्डा) और इंडो अमरीकन चैंबर आफ कामर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इससे पहले पूर्व एकमाध्यक्ष गुलाम सरफुद्दीन, हाजी शौकत अली, शमीम अंसारी, उमेश शुक्ल, संजय गुप्ता, एके ठुकराल, डीपी गुप्ता, भरत लाल मौर्य, इम्तियाज अंसारी, हुसैन जाफर, पंकज बरनवाल, जाबिर बाबू अंसारी आदि ने सांसद को बुके देकर स्वागत किया।