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Bhadohi News: अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ को लेकर कालीन उद्यमी चिंतित

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भदोही। अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल समेत अन्य उत्पाद खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ थोपने की शक्ति दिए जाने वाला विधेयक पारित होने के बाद भारत पर भी 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ थोपने की आशंका है। इस खबर को भारतीय कालीन उद्यमी गंभीर हैं। निर्यातकों का कहना है कि लगभग दो वर्ष से विभिन्न क्षेत्र के भारतीय उत्पादक ट्रंप के टैरिफ से काफी हद तक प्रभावित हुए थे। जब समझा जा रहा था कि मामला सुलझ गया है तब इस विधेयक ने उद्यमियों को फिर से फिर से चिंता में डाल दिया है। कालीन उद्यमियों का कहना है कि ट्रंप ने गत वर्ष 50 प्रतिशत तक टैरिफ की घोषणा कर भारतीय उत्पादकों को गंभीर समस्या की ओर ढकेल दिया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से किसी तरह से उक्त टैरिफ की समस्या लगभग दूर हो गई थी।
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इसी टैरिफ के चलते गत मार्च में नई दिल्ली में होने वाला इंडिया कारपेट एक्सपो रद्द करना पड़ा था। इस बीच जब लगने लगा था कि टैरिफ का मामला सुलझ गया है तो सीनेट को शक्ति देने वाला विधेयक पारित हो जाने से भारतीय उद्यमियों को फिर से सोचने को मजबूर होना पड़ा है। अब लोगों को यह डर सता रहा है कि यदि 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ थोपा जाएगा तो निर्यात प्रभावित होगा। भारतीय कालीन उद्यमी चीन, ईरान, नेपाल, पाकिस्तान, तुर्किये आदि देशों के कालीन उत्पादकों से प्रतिस्पर्धा में पीछे हो जाएंगे। हालांकि लोगों यह भी कह रहे हैं कि भारत मामले को बेहतर ढंग से निपट सकता है।

टैरिफ की समस्या से पूरे एक वर्ष का नुकसान हो चुका है। हालांकि भारत सरकार इस समस्या से निपटने में सक्षम है। हमारा प्रयास होगा कि ऐसी किसी स्थिति का सामना न करना पड़े। उमेश गुप्ता मुन्ना अध्यक्ष एकमा। (फोटो-)
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पिछला कारपेट एक्सपो रद्द होने का कारण अमेरिकी टैरिफ था। अब जब हमारे निर्यातक अक्तूबर माह में होने वाले कारपेट एक्सपो की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर चिंता में डालती है। असीम अंसारी बाबी, मानद सचिव एकमा (फोटो-)
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