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Bhadohi News: 84 लाख रुपये से की नहरों की सफाई, रजबाहा-माइनर में झाड़ियां दे रहीं गवाही

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सीकी चौरा माईनर में लगी गंदगी। संवाद - फोटो : बहराइच के चांदपुरा में ​स्थित ट्रामा सेंटर के बगल में अस्पताल के लिए चिह्नित जमीन।
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ज्ञानपुर/ऊंज। नहर विभाग ने बीते साल अक्तूबर में नहरों और रजवाहों की सफाई के नाम पर 84 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन करीब 54 किलोमीटर लंबे रजबाहों और माइनरों में कई स्थानों पर सफाई नहीं हुई है। रजबाहा और माइनरों में झाड़-झंखाड़ तथा बांस की झाड़ियां उगी हैं।
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इस समय नर्सरी का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन माइनरों और रजवाहों में पानी न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में करीब ढाई लाख किसान हैं। ज्ञानपुर मुख्य नहर प्रयागराज के केहुनी से निकलकर वाराणसी और मिर्जापुर जिले तक जाती है, जिसकी लंबाई 74 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त भदोही रजवाहा 53 किलोमीटर और सीखड़ रजवाहा 43 किलोमीटर लंबा है। इन तीनों जिलों में करीब ढाई से तीन लाख किसान नहरों के माध्यम से सिंचाई करते हैं। रबी और खरीफ सीजन में पानी की आपूर्ति के दौरान गंदगी और गाद जमा होने से नहरों की गहराई कम हो जाती है, जिससे पानी ओवरफ्लो होने लगता है। घास और झाड़ियों के कारण भी टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। जिले में 15 सक्रिय माइनर और रजवाहा हैं। वर्तमान में मुख्य नहर में तो थोड़ा पानी छोड़ा गया है, लेकिन अन्य नहरों में पानी न होने से किसान परेशान हैं।
इन माइनरों और रजबाहों पर झाड़-झंखाड़

बीते वर्ष अक्तूबर और नवंबर में नहर विभाग ने नहरों, रजवाहों और माइनरों की सफाई के नाम पर करीब 84 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन कई माइनर और रजवाहा अब भी बांस की कोठ, झाड़ियों और घास-फूस से पटे हुए हैं। तीन किलोमीटर लंबा सीखी चौरा माइनर, चार किलोमीटर लंबा दत्तीपुर माइनर, एक किलोमीटर लंबा बारीपुर माइनर, तीन किलोमीटर लंबा कोइरौना माइनर, चौरी क्षेत्र का दो किलोमीटर लंबा चांदी गहना माइनर, तीन किलोमीटर लंबा बरवा माइनर तथा करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा बिगही माइनर अब तक साफ नहीं हो सके हैं। इन्हें देखकर प्रतीत होता है कि लंबे समय से इनकी सफाई नहीं कराई गई है।
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नहर की सफाई तो कराई गई है, लेकिन चांदी गहना माइनर साफ नहीं किया जा सका है। इससे खेत तक पानी नहीं पहुंच सकेगा। इसके अलावा बिगही, बरवा में भी सफाई नहीं हुई है। - अवधेश शुक्ला, चांदी गहना, चौरी।

सीखी चौरा माइनर में सफाई नहीं हुई है। अराजकतत्वों ने एक फाटक तोड़ दिया है, जिससे पानी आने की संभावना कम है। - राजेश सिंह, दरवासी।

10 जून से नहरों में पानी छोड़ना है। बारिश के सीजन के बाद नहरों की सफाई कराई जाती है। इस वर्ष भी अक्तूबर-नवंबर में नहरों और रजवाहों की सफाई कराई गई थी। जो हिस्से छूट गए हैं, उन्हें आगामी समय में साफ कराया जाएगा। - सुधीर पाल, एक्सईएन, नहर।
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