दुर्गागंज त्रिमुहानी पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला दहन करने जा रहे ऑल इंडिया मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पदाधिकारियों को सोमवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दो घंटे बैठाने के बाद पुलिस ने छोड़ दिया।
इलाहाबाद में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद असउद्दीन ओवैसी की सभा को हाईकोर्ट के आदेश पर भी अनुमति न मिलने से नाराज कार्यकर्ता जिला संयोजक महताब आलम के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का पुतला दहन के लिए दुर्गागंज त्रिमुहानी पर पहुंचे थे। दर्जनभर से अधिक की संख्या में सीएम को पुतला लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं को देख पिकेट ड्यूटी पर रहे पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए।
उन्होंने पुतला जलाने से पहले झपट लिया। दस मिनट तक दोनों पक्षों में जलाने और न जलाने को लेकर विवाद चलता रहा। इससे त्रिमुहानी पर भीड़ इकट्ठा हो गई।
सूचना पाकर पहुंचे कोतवाल भी मयफोर्स पहुंच गए। उन्होंने मौके से हिरासत में लिए गए जिला संयोजक महताब आलम के अलावा मौलाना रमजान अली, कलामुद्दीन, मोहम्मद वारिस, नौसाद अली, नौशाद आलम, अब्दुल कादिर को कोतवाली ले आए। दो घंटे बाद पुलिस के छोड़ने पर बाहर आए संगठन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कोतवाल समेत पुलिसकर्मियों ने उनके सबाथ दुर्व्यवहार किया।
पिटाई और गाली गलौच के साथ धमकी भी दिया। कहा कि प्रशासन उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। आदेश के बाद भी सभ्ाा की इजाजत नहीं देना यही दर्शाता है।
इस मौके पर शराफत आलम, मिलशेर, सलमान, गुलसेर, नूर आलम, फारूक अंसारी, इमरान अहमद के अलावा हिरासत में लिए गए पदाधिकारी भी शामिल रहे।