नगर पालिका परिषद का वार्षिक बजट गुरुवार को भारी हंगामे के बीच पास हो गया। मिनी सदन में हुई विशेष बैठक में प्रारंभिक अवशेष और नए वित्त वर्ष में प्राप्तियों को मिलाकर कुल 48.24 करोड़ आय के मुकाबले 46.87 करोड़ खर्च का अनुमान लगाया गया है। यह 1.37 करोड़ के आय का बजट है। इस दौरान गत दिनों लोकायुक्त से पालिका में भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले आठ सभासदों ने बजट में भ्रांतियों, विकास कार्यों में भेदभाव और प्रस्तावों पर बहस न कराने आदि की शिकायत कर बैठक का बहिष्कार कर दिया।
दोपहर एक बजे बजट पर बैठक शुरू हुई। हेड क्लर्क पुल्लू यादव ने बजट प्रस्ताव पढ़ना शुरू किया था कि सभासद गुलाम हुसैन संजरी ने मांस की दूकानों से होने वाली आय के बारे में सवाल किया। इस पर आठ सभासदों ने एतराज किया कि क्रमश: प्रस्तावों को पढ़ें और उस पर बहस कराएं, इस पर सभासद दो फाड़ हो गए और एक पक्ष ने बजट को ठीक बताकर पास करने का एलान कर दिया।
इस पर हसनैन अंसारी, शफीक अहमद, दीपू विश्वकर्मा, शिवशंकर सरोज, शीला बिंद, हफीजुल्लाह शाह, रवींद्र मौर्य, शीला देवी आदि ने कहा कि जो बजट कापी उपलब्ध कराई गई है, उसमें आय और व्यय का अलग अलग वर्णन नहीं किया गया है। आरोप भी लगाया कि पिछले बजट के प्रस्ताव जो अधूरे हैं, उन पर भी विचार होना चाहिए। । बगैर चर्चा के पास करना न्यायोचित नहीं होगा। इतना होने के बाद सभी आठों सभासद यह कहकर मिनी सदन से उठ कर बाहर चले गए कि जब जबरन बजट पास कराना हो तो हम लोगों को क्यों बुलाया गया। सभासदों के बाहर जाते ही मौजूद सभासदों ने 15 मिनट में बजट पारित कर दिया। पारित बजट में 5.60 करोड़ प्रारंभिक अवशेष में वर्ष 2017-18 में कुल 42.64 करोड़ प्राप्तियों को मिलाकर 48.24 करोड़ अनुमानित आय दिखाई गई है। जिसे आगामी वर्ष में 16.87 करोड़ व्यय का अनुमान लगाते हुए 1.37 करोड़ का लाभ दर्शाया गया है। ईओ आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि 65 प्रतिशत विकास कार्यों, मलिन बस्ती सुधार, सौंदर्यीकरण जनसुविधा, सड़क निर्माण, जलापूर्ति, मार्ग प्रकाश आदि पर खर्च करना है। अध्यक्षता पालिकाध्यक्ष महलका सिद्दीकी ने की ।