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टूटी नाली, खराब नलकूप बढ़ा रहे मुसीबत

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ज्ञानपुर। नहरों संग सिंचाई के अहम साधन नलकूप की हालत जिले में ठीक नहीं है। 15 से 20 फीसदी राजकीय नलकूपों की खराबी संग टूटी नालियां रबी की बुआई से लेकर सिंचाई की समस्या बढ़ा रहे हैं। नलकूप न सही होने से सैकड़ों बीघे में एक-डेढ़ साल से खेती नहीं हो पा रही है। ढाई से तीन दशक पुराने नलकूप ब्रष्ट होने के साथ ही तकनीकी खामियों और बिजली की समस्या से बंद पड़े है।
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जिले में नहरों के अलावा सबसे अधिक नलकूप से खेती की सिंचाई की जाती है। धान की कटाई के बाद किसान गेहूं का खेत तैयार कर बुआई कर रहे हैं। अगैती फसलों की पहली सिंचाई शुरू हो गई है तो पिछैती के लिए पलेवा हो रहा है। साफ-सफाई के चलते न तो नहर चल रही है और तकनीकी एवं ट्रांसफार्मर जलने से ज्यादातर राजकीय नलकूप बंद है। ऐसे में पलेवा संग सिंचाई को लेकर किसान चिंतित है। नलकूप विभाग के आंकड़ो पर गौर करें तो कुल 524 राजकीय नलकूपों में 20 से 21 ही खराबी से बंद हैं जबकि हकीकत इससे जुदा है। करीब 70 राजकीय नलकूप ट्रांसफार्मर, बिजली की तकनीकी खामी और ब्रष्ट होने से बंद हैं। भदोही में 10 डीघ में 22, सुरियावां में 11, ज्ञानपुर में नौ, अभोली में तीन और औराई क्षेत्र में तकरीबन 15 से अधिक राजकीय नलकूप खराब है। कुछ के ट्रांसफार्मर कई माह से जले हैं तो कुछ तकनीकी खराबी से बंद है। जिला प्रशासन के तमाम निर्देश के बाद बंद नलकूपों को अब तक चालू नहीं किया गया। देवाजितपुर के प्रगतिशील किसान भोलानाथ उपाध्याय, एके चौबे, कंडा तिवारी ने कहा कि नलकूप और बिजली विभाग की लापरवाही से ज्यादातर नलकूप बंद है। उसे समय से सही नहीं किया गया तो किसानों को काफी दिक्कत होगी।
222 नाली मरम्मत का भेजा प्रस्ताव
ज्ञानपुर। जिले के राजकीय नलकूपों की नाली की मरम्मत के लिए नलकूप विभाग संजीदा है। विभाग की ओर से 222 नाली के मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से बजट स्वीकृत होने पर काम कराया जाएगा। नाली के बजाए अब पाईपलाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है।
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माननीयों की उदासीनता बढ़ा रही दिक्कत
ज्ञानपुर। सूबे में नए राजकीय नलकूपों की स्थापना को लेकर कवायद चल रही है लेकिन जिले के छह ब्लॉक सेमी क्रीटिकल होने से एक भी नलकूप नहीं लग सकेंगे। औराई, अभोली, सुरियावां और डीघ डार्कजोन से जरूर हट गए लेकिन अब भी सेमी क्रीटीकल में शामिल है जबकि भदोही और ज्ञानपुर अब भी डार्कजोन में शामिल है। विधायकों से लेकर सांसद तक की ओर से इसे खत्म करने को लेकर कोई पहल नहीं की गई, जिससे जिले में नए नलकूप मिल पाना मुश्किल ही दिख रहा है। अगर अब भी माननीय संजीदा हुए तो किसानों को नए नलकूप की सौगात मिल सकती है।
जिले में ज्यादातर राजकीय नलकूप सही है। ट्रांसफार्मर की खराबी और पुराने 21 राजकीय नलकूप बंद है। बिजली विभाग को पत्र लिखा गया है। गिने-चुने नलकूप तकनीकी खराबी से बंद है, उसे सही कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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नंदलाल, अधिशासी अभियंता नलकूप
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