गोपीगंज। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद भी मंगलवार की सुबह कोतवाली क्षेत्र के तिलंगा गांव स्थित ईट भट्ठा संचालक ने दो दर्जन से अधिक मजदूरों को भगा दिया। दोपहर तक घर जाने के लिए ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे मजदूरों को न ट्रेन मिल सकी और न अन्य वाहन। तहसीलदार देवेंद्र यादव ने सभी की स्क्रीनिंग कराकर बस से छत्तीसगढ़ भेजा।
जिले के ईंट-भट्ठों पर झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत दूसरे शहरों से बड़ी संख्या में मजदूर आकर काम करते हैं। लॉकडाउन के कारण वह करीब दो माह से फंसे हुए हैं। पीएम, सीएम ने संचालकों को ऐसे श्रमिकों को राहत देने के लिए आह्वान किया गया है, लेकिन कुछ ही लोग इसका पालन कर रहे। मंगलवार की सुबह तिलंगा के ईंट-भट्ठा से 25 से अधिक मजदूर कुनबे के साथ ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर पहुंच गए।
रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया लेकिन एक भी मजदूर वहां से नहीं गया। जानकारी होने पर तहसीलदार देवेंद्र यादव ने सभी मजदूरों को जांच केंद्र जिला पंचायत बालिका इंटर कालेज लाकर थर्मल स्क्रीनिंग कराई और भोजन-पानी के साथ बस की व्यवस्था कर सभी को छत्तीसगढ़ रवाना कर दिया। तहसीलदार की ओर से सहायता मिलने पर मजदूरों की आंखे नम हो गई।
मजदूर शिवफल लहरे, छत्रपति, दिवाकर, हजारीलाल, आनंद, गंगाराम, राकेश कुमार, राम चतुर्वेदी, दिलहरण, उषा देवी, देवकली, राजकुमारी, सीमा देवी ने आरोप लगाया कि संचालक ने सोमवार की रात हिसाब कर उन्हें जाने के लिए विवश कर दिया। छोटे-छोटे बच्चों के साथ सभी भूखे-प्यासे स्टेशन परिसर में इस लिए ठहरे थे कि यदि कोई ट्रेन मिल जाएगी तो वह घर चले जाएंगे। तहसीलदार ने कहा कि लॉकडाउन में ऐसा करना गंभीर मामला है। इसकी जांच की जा रही है।