ज्ञानपुर। शुचिता और पारदर्शिता के लिए शासन स्तर पर तैयार चक्रव्यूह को शिक्षा माफिया बोर्ड परीक्षा के पहले ही भेद चुके हैं। ऑनलाइन केंद्र निर्धारण के बाद भी नकल माफियाओं ने खास विद्यालयों को केंद्र बनवाने में सफल रहे।
विकास खंड डीघ के एक नामचीन विद्यालय का हाईस्कूल और इंटर के पूरे के पूरे छात्रों को एक ही केंद्र पर भेज दिया गया है। यही नहीं केंद्र निर्धारण की अनंतिम और अंतिम सूची में छात्र आवंटन में खेल कर दिया गया। वित्तपोषित स्कूलों में गए केंद्रों को हटवाकर वित्त-विहीन में करा लिया गया है।
बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होगी। इसके लिए जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। नवंबर में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 85 केंद्रों की अनंतिम सूची जारी की। इसमें कई माननीयों से लेकर नामचीन विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया। अंंतिम सूची में कई शिक्षा माफियाओं के विद्यालयों का केंद्र वित्तपोषित में चला गया। इससे उनका जुगाड़ बिगड़ने लगा।
आपत्ति निस्तारण की प्रक्रिया में शिक्षा माफियाओं ने कार्यालय से लेकर परिषद तक दौड़ धूप कर अपनी सेटिंग कर ली। इससे वित्तपोषित विद्यालयों से अपना केंद्र हटवाकर जुगाड़ वाले स्कूलों में करा लिया।
ऐसे विद्यालयों की संख्या करीब आठ से 10 हैं। बताते चलें कि बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल 55 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने कहा कि पहली सूची में कई खामियां थी। जिसे सुधारकर केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ विद्यालय पर विभाग की नजर है।
जहां पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों की तैनाती रहेगी।