बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से काफी गड़बड़ी हुई है। जियो लोकेशन के बाद भी केंद्र निर्धारण में मानक दरकिनार हो गए हैं। 15 किमी की बजाय 25 से 30 किमी दूर परीक्षा केंद्र बन गए हैं। जिससे डीआईओएस कार्यालय में आपत्तियों की भरमार हो गई है।
85 केंद्रो के लिए 95 आपत्तियां आ गई है। इसमें केंद्र न बनने और केंद्र की दूरी शामिल है। अब परीक्षा समिति इसका निस्तारण करेगी। 25 नवंबर से पहले आपत्ति का निस्तारण करना शिक्षा विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
जिले में फरवरी-मार्च में संभावित बोर्ड परीक्षा के लिए 190 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों ने केंद्र बनने के लिए आवेदन किए। स्कूलों के सत्यापन और जियो लोकेशन आदि वेबसाइट पर अपलोड होने के बाद 11 नवंबर को परिषद ने 85 केंद्रों की सूची जारी कर दी। केंद्र निर्धारण के लिए 14 नवंबर तक आपत्ति मांगी।
परिषद की तरफ से जारी की गई सूची में कई खामियां सामने आईं। डेढ़ से दो दशक से केंद्र बनने वाले विद्यालय इस बार कट गए तो डीघ के स्कूलों का केंद्र सुरियावां ब्लॉक के विद्यालय में भेज दिया गया, जिनकी दूरी 25 से 30 किमी है। जबकि बोर्ड की गाइडलाइन में अधिकतम 15 किमी ही छात्रों के केंद्र होने चाहिए।
95 प्रधानाचायों ने आपत्ति दर्ज कराई है। स्कूलों से आपत्ति आने के बाद विभाग उसके निस्तारण की तैयारी में जुट गया है। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अरविंद पटेल का कहना है कि प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों को लेकर तर्कसंगत आपत्तियां मांगी गई थीं। अंतिम तिथि तक 95 आपत्तियां मिली हैं। जल्द ही डीएम की संस्तुति पर एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीम बैठक कर आपत्तियों का निस्तारण करेगी। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर से पहले ही निस्तारण कर रिपोर्ट परिषद को भेजा जाना है।
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इनसेट
फाइनल सूची से हटेंगे राजकीय हाईस्कूल
ज्ञानपुर। बोर्ड परीक्षा के लिए परिषद की तरफ से 85 केंद्रो की सूची जारी की गई है। इसमें 10 राजकीय विद्यालयों को भी केंद्र बनाया गया है। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, जीजीआईसी महराजगंज, मॉडल इंटर कॉलेज को छोड़ दिया जाए तो अन्य स्कूलों में संसाधनों की काफी कमी है। पूर्व की वर्षों की तरह इस बार भी उन्हें केंद्र बना दिया गया है, हालांकि समिति की तरफ से इनको सूची से हटा दिया जाएगा।
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माननीय के स्कूलों पर भी चल गई कैंची
बोर्ड परीक्षा के लिए जारी केंद्रो की सूची में माननीयों के स्कूलों पर कैंची चल गई है। सालों से केंद्र बनने वाले उनके विद्यालय इस बार कट गए हैं। जिसको लेकर गहमागहमी बढ़ गई है। चौरी, सुरियावां, अभोली और औराई ब्लॉक में स्थित इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं एवं संसाधन आदि भी मौूजद हैं। जिसके कारण डेढ़ से दो दशक से वह परीक्षा केंद्र बनते रहे हैं, लेकिन इस बार सूची में उनका नाम ही नहीं है।