भ्रष्टाचार के कारण अधूरे 100 शय्या अस्पताल को पूर्ण करने का काम शुरू हो गया है। करीब ढाई करोड़ से उसे पूरा कराया जा रहा है, लेकिन कार्यदायी संस्था की मनमानी के चलते अस्पताल प्रशासन को नक्शा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिसे लेकर संस्था को नोटिस जारी किया गया।
करीब डेढ़ दशक पूर्व सौ शय्या अस्पताल की आधारशिला रखी गई। भ्रष्टाचार के कारण अस्पताल आधा अधूरा बनकर छूट गया। जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से अस्पताल में ओपीडी समेत कुछ सेवाएं शुरू हो गईं, लेकिन कई सुविधाएं अभी नहीं मिल पा रही हैं। शासन के निर्देश पर कुछ माह पूर्व अधूरे कार्य को पूर्ण करने के लिए ढाई करोड़ जारी किए गए।
संस्था ने काम भी शुरू करा दिए, लेकिन अस्पताल प्रशासन को अब तक संस्था ने नक्शा उपलब्ध नहीं कराया। नक्शा न होने के कारण तमाम बिंदुओं की जांच करने में अस्पताल प्रशासन असमर्थ है। काम कैसे चल रहा है, बिल्डिंग में कहां पर बिजली पॉइंट बनना है, कहां पर फैन का कनेक्शन होना है, कहां पर ओटी, ऑपरेशन कक्ष आदि तमाम बिंदुओं को नक्शा के जरिये देखा जा सकता है।
हैंडओवर के दौरान होगी दिक्कत
यदि अस्पताल प्रशासन को कार्यदायी संस्था नक्शा उपलब्ध नहीं कराती है। तो अधूरे बिल्डिंग पूर्ण होने के बाद उसे हैंडओवर को लेकर दिक्कत आ सकती है। क्योंकि उस समय नक्शा उपलब्ध कराना संस्था की मजबूरी होगी। उस समय संस्था के कार्यों की समीक्षा की गई तो तमाम तरह के प्रश्न चिह्न लग सकते हैं।