बोर्ड परीक्षा में अबकी बार केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे में खराबी का बहाना नहीं चलेगा। परीक्षा से पहले केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराना होगा। बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों से इसकी रिपोर्ट मांगी है। यदि खामी है तो परीक्षा से पहले सीसीटीवी दुरुस्त कराकर बोर्ड को जानकारी देनी होगी। डीआईओएस की तरफ से पत्र जारी किए जाने के बाद भी 30 स्कूलों ने अब तक सीसीटीवी से जुड़ी जानकारी नहीं उपलब्ध कराई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित बोर्ड परीक्षा 24 मार्च से शुरू होगी। बोर्ड परीक्षा में इस बार जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 49 हजार 725 परीक्षार्थी शामिल होंगे। विधानसभा चुनाव के बाद परीक्षा कार्यक्रम जारी होने से विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थिति समेत कई अन्य बिंदुओं से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी, लेकिन 30 स्कूलों ने अब तक ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है। जिसको लेकर विभाग की तरफ से नोटिस भी जारी किया गया। इसके बावजूद कई केंद्रों के प्रधानाचार्यों पर असर नहीं पड़ रहा है। परीक्षा के दौरान कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी होगी। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का मेन पैनल कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेगा। इससे वहां की हर गतिविधि पर नजर बनी रहेगी। इससे पहले बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों से सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। परीक्षा से पहले सीसीटीवी कैमरे हर हाल में ठीक कराने होंगे। दरअसल, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे में खामी दिखाकर नकल का खेल भी चलता है। पूर्व की परीक्षाओं में ऐसी कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। परिषद की ओर से जनपद में 90 परीक्षा केंद्र निर्धारित कर छात्रों के आवंटन की सूची वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। अब परीक्षा में नकल पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने कहा कि परीक्षा की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य व्यवस्था को लेकर बोर्ड ने आख्या मांगी है। कुल 30 स्कूलों ने अभी तक जानकारी नहीं दी है। जल्द ही जरूरी सूचना बोर्ड को भेजी जाएगी। उधर, बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सचल दल के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीआईओएस कार्यालय में इसको लेकर शुक्रवार को गहमागहमी रही। जीआईसी के प्रधानाचार्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित चार सचल दल का गठन किया जाना है।