ज्ञानपुर (भदोही)। भगवान न करे, यदि कोई ऐसी बड़ी आपातकालीन स्थिति आ जाए, जिसमें मरीज को रक्त की जरूरत हो तो लेने के देने पड़ सकते हैं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त का अभाव हो गया है। 200 यूनिट से अधिक क्षमता वाले ब्लड बैंक में केवल चार यूनिट ही रक्त बचा है। लिहाजा तमाम मरीज ब्लड बैंक से बैरंग वापस लौट जा रहे हैं।
बड़े ऑपरेशन के अलावा गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रक्त की जरूरत हमेशा पड़ती रहती है। इसके लिए जिला अस्पताल में 200 यूनिट से अधिक क्षमता के ब्लड बैंक की स्थापना की गई है, जहां समय-समय पर रक्तदान शिविर के जरिए एकत्र किए गए रक्त को संरक्षित किया जाता है। मगर 24 मार्च से लॉकडाउन घोषित होने के बाद ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं हो पा रहा है। ना ही निजी तौर पर इच्छुक लोग रक्तदान कर पा रहे हैं। मौजूदा हालत यह है कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सिर्फ चार यूनिट रक्त बचा है। इससे कैंसर, थैलसीमिया, हीमोफीलिया, एचआईवी, जननी सुरक्षा योजना आदि गंभीर बीमारियों के मरीजों को रक्त की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ब्लड बैंक के काउंसलर महेंद्र पाल के मुताबिक तीन-चार मरीजों को प्रतिदिन ब्लड बैंक से वापस किया जा रहा है।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव कहते हैं कि ब्लड बैंक में रक्त नहीं है। क्योंकि लॉकडाउन में लोग रक्तदान करने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने रक्तदाताओं से अपील की है कि स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंद लोगों की मदद करें। ताकि रक्त के अभाव में किसी की जान न जाए।