इस दौरान जमकर नारेबाजी की। बाद में व्यापारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इसमें उन्होंने शुल्क वृद्घि को तत्काल वापस न लेने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष घनश्याम दास गुप्ता के नेतृत्व में सड़क पर व्यापारियों ने शासनादेश के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
व्यापारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी खाद्य सामग्री पर ढाई फीसदी मंडी शुल्क लगाकर टैक्स बढ़ा दे रही है। इसके शासनादेश में जो प्रावधान है, वह व्यापारियों के लिए कई तरह की समस्या उत्पन्न कर रहा है।
क्योंकि 80 फीसदी खाद्य तेलों की आमद विदेशों से होती है। वहीं काजू, किसमिस, बादाम आदि अधिकांश सूखा मेेवा दक्षिण भारत के राज्यों से आता है।
प्रदेश के बाहर से आने वाले सामान पर मंडी शुल्क लगा देने से उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी समस्या बढ़ जाएगी। इसके लिए जो शासनादेश है, उसमें जो वस्तु और सेवा कर लगाया जा रहा है, वह तीन तरह के स्लैब में है। जबकि टैक्स को सिर्फ एक बार लगाना चाहिए। शासनादेश के अनुसार, व्यापारियों को तीन जगह पंजीयन भी कराना होगा।
पुतला फूंकने और ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष के अलावा रमाकांत गुप्ता, फिरोज खां, अरुण श्रीवास्तव, राजीव गोयल, सुनील, रंजीत, जटाशंकर मौर्य, कृष्ण कुमार, मिलिंद गुप्ता, पुष्पेंद्र जायसवाल, दशरथ जायसवाल, चुनमुन, मोहम्मद इस्लाम, बब्बू भूज, भरत सेठ आदि व्यापारी शामिल रहे।