गोपीगंज हनुमानगढ़ी मंदिर में भैया दूज की पूजा करती महिलाएं। संवाद
- फोटो : स्वयं
जिले में बृहस्पतिवार को उल्लास के साथ परंपरागत तरीके से भैया दूज का पर्व मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर जैसे ही स्नेह का तिलक लगाया रोली-अक्षत में उनका प्यार निखरकर दमकने लगा। बहनों ने भाइयों को लावा-चना और मिठाई खिलाकर उनकी दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किया।
जिले में ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही, मोढ़, चौरी, सुरियावां, अभोली, दुर्गागंज, चौरी, जंगीगंज, ऊंज, वहिदामोढ़, औराई, महराजगंज,बाबूसराय आदि स्थानों पर सुबह से ही भैयादूज की धूम रही। गोपीगंज नगर में बहनें सुबह से ही भैया दूज की तैयारी में जुटी रही। नगर के दुर्गा मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर प्रांगण में बहनों ने भाइयों के माथे पर चंदन, अक्षत और रोली का तिलक लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। भावसिंहपुर डूहिया निवासी आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि गोवर्धन पूजा के अगले दिन भैया दूज मनाया जाता है। कहा कि भैयादूज भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। यह पर्व पारिवारिक रिश्तों को मजबूती देता है। इस दौरान मंदिरों में भक्ति गीत गूंजते रहे।