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भदोही में सनसनीखेज खुलासा: जमीन कब्जाने के लिए बुजुर्ग को कई मामले में फंसाया, 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार

Fri, 17 Jul 2026 10:24 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।

सार

Bhadohi News: भदोही पुलिस ने जमीन कब्जाने के लिए बुजुर्ग को कई मामलों में फंसाने वाले 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया। साजिश के दौरान पीड़ित बुजुर्ग को दो बार जेल जाना पड़ा। 
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भदोही जिले की पुलिस ने शुक्रवार को एक सनसनीखेज घटना का खुलासा किया। जमीन कब्जे को लेकर फर्जी मुकदमें की साजिश का पर्दाफाश करते हुए 25 हजार के इनामी पंकज उपाध्याय को महाराष्ट्र के जलगांव से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। साजिशकर्ताओं ने बुजुर्ग को पहले एससी-एसटी, दुष्कर्म और उसके बाद एनडीपीएस एक्ट में फंसाया। जिसके कारण बुजुर्ग को नौ महीने और छह महीने जेल में रहना पड़ा। सुरियावां थाना में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान यह मामला सामने आया था।

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क्या है पूरा मामला
पुलिस कार्यालय सरपतहां में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गणेशरायपुर निवासी पंकज ने प्रयागराज के उतरांव थाना के बिझवनिया निवासी सुनील सरोज, पूजा सरोज और दशरथपुर बयांव निवासी प्रिंस गौतम के साथ मिलकर लक्ष्मीशंकर उपाध्याय को एससी-एसटी व पाक्सो एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजवा दिया था। 

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इसके तहत लक्ष्मीशंकर को नौ माह तक जेल में रहना पड़ा। न्यायालय अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता का नाम और पता फर्जी निकलने पर भदोही कोतवाली में इन तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस आरोपी महिमा उर्फ पूजा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि पंकज फरार चल रहा था। मुकदमा दर्ज होने से नाराज पंकज ने बदला लेने की नियत से सुनील पासी व अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर एक बार फिर लक्ष्मीशंकर उपाध्याय को एनडीपीएस में फंसाने के लिए योजना बनाई। 

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25 दिसंबर 2025 को उनकी कार में हेरोइन रखवाकर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना देकर वाराणसी के मड़ुआडीह के पास गिरफ्तार करवा दिया। इसमें लक्ष्मीशंकर फिर छह महीने जेल में रहे लेकिन निर्दोष साबित हुए। पुलिस ने इन सभी मामलों की गहनता से जांच की तो आरोपित पंकज, सुनील सरोज व प्रिंस गौतम के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एनडीपीएस एक्ट की बढ़ोतरी की। उसी तलाश की जा रही थी। तीनों के खिलाफ प्रयागराज, भदोही जिले के कई थाने में मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। 

कुर्की की नोटिस भी चस्पा की गई। इस दौरान पुलिस को पंकज की लोकेशन जलगांव महाराष्ट्र में मिली। एसपी ने एक टीम महाराष्ट्र भेजी और पंकज को गिरफ्तार कर भदोही लाई। उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि मामले में वांछित तीन अन्य की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगी है।

सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज से खुली साजिश की परतें
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि लक्ष्मी शंकर उपाध्याय के खिलाफ साजिशकर्ता पहले सफल हो गए। दुष्कर्म और एनडीपीएस एक्ट में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया। विवेचना के दौरान सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज में साजिश की परत खुलती गई। भाजपा कार्यालय में कार लगवाने के बहाने आरोपियों ने लक्ष्मीशंकर के वाहन में 940 ग्राम हेरोइन को रखवाया था। जिसकी अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब सात करोड़ थी। इस दौरान लक्ष्मी शंकर छह माह तक जेल में रहे। खुद को निर्दोष बताते हुए सुरियावां थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया। जिसकी जांच में साजिश सामने आई।
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पैतृक भूमि कब्जा करना बना षड्यंत्र की मुख्य वजह
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि केवल शंकर उपाध्याय एवं उनके भाई लक्ष्मी शंकर उपाध्याय की जमीन को पंकज उपाध्याय लेना चाहता था। वह लगातार पैतृक भूमि पर छल कपट कर कब्जा करने एवं वादी परिवार पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा। केवलाशंकर का एक बेटा है जो मानसिक रूप से सही नहीं है जबकि उनके भाई लक्ष्मी शंकर की एक विकलांग पुत्री है। घर पर कोई मजबूत सदस्य नहीं है।
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