ज्ञानपुर/गोपीगंज। विकास भवन के समीप स्थित कांशीराम शहरी आवास में रविवार की रात एक युवक की रहस्यमय हालात में मौत हो गई। वह ऑटो चलाता था। बताया जाता है कि उसने हाथ की नस काटी और फिर फांसी लगा कर जान दे दी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। युवक गोपीगंज नगर का निवासी था।
ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम शहरी आवास कालोनी में गोपीगंज के खड़हट्टी मोहाल निवासी गोविंदा अग्रवाल (25) रहता था। रविवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव कमरे में मिला। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुबह खबर तेजी से फैली। मृतक गोविंदा के पिता ओम नारायण अग्रवाल के मुताबिक कालोनी में अवैध ढंग से रह रही बलिया निवासी एक महिला ने तीसरी मंजिल के कमरा नंबर 899 को कब्जा कर उसे रहने के लिए दिया था। उक्त महिला अपनी पुत्रियों के साथ गोविंदा को जाल में फंसा कर धन उगाही करती थी। रात में गोविंदा किन कारणों से मौत को गले लगा लिया, यह समझ में नहीं आ रहा है। आसपास के लोगों ने जब उसका कमरा खोलवाने की कोशिश की तो कमरा खुल नहीं सका। शक के कारण दरवाजा तोड़ा गया तो युवक मृत मिला। हाथ की नसें कटी थीं। गले में फांसी के फंदे का निशान संदिग्ध सवाल छोड़ रहे थे। रोते हुए पिता ने बताया कि बड़े और मझले पुत्र धर्मेंद्र-राजेंद्र की शादी हो चुकी है। जो उसी कालोनी में अलग-अलग रहते हैं। पुत्री नीतू की शादी रिश्तेदारी में की थी, लेकिन पति की मौत हो जाने से वह विधवा का जीवन व्यतीत कर रही है। सबसे छोटा पुत्र गोविंदा ऑटो चलाकर जीवन-यापन करता था, उसने भी साथ छोड़ दिया।