गोपीगंज। शनिवार से सोमवार शाम तक बड़े वाहनों के आवागमन पर लगी रोक हटते ही मंगलवार को हाईवे जाम में जकड़ गया। दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक वाहन रेंगे-रेंग कर आगे बढ़ते रहे। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए।
सावन माह में उत्तरी लेन कांवरियों के लिए सुरक्षित होने से शुरुआती दौर से दक्षिणी लेन पर जाम के झाम से लोगों को मुक्ति नहीं दिला पा रही है। सावन माह के अंतिम सोमवार को संकुशल संपन्न कराने के लिए गत शनिवार से ही पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर बड़े वाहनों को रोक कर डायवर्ट मार्गों से चलाने का आदेश दिया गया। अंतिम सोमवार को क्षेत्रीय शिवालयों समेत काशी विश्वनाथ, बाबा धाम के लिए जलाभिषेक करने वालों की भीड़ अधिक होने से सुरक्षा की तगड़ी व्यवस्था रही। सोमवार की देर रात से वाहनों का दबाव बढ़ जाने से जाम की समस्या विकट बन गई। सावन माह को लेकर उत्पन्न हुई जाम की समस्या से अब तक व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान, एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत, तीन दर्जन से अधिक लोग अस्पताल में पहुंच चुके हैं। जाम की स्थिति यह रही कि मंगलवार को दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। लालानगर टोल प्लाजा से जंगीगंज तक वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते रहे।