ऊंज। मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी रविवार को डीघ और अभोली के चार गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। चारों स्थानों पर कुछ न कुछ खामियां मिलने पर ग्राम प्रधान, बीडीओ और संचालन समिति की जमकर क्लास लगाई। चेतावनी देते हुए कहा कि पशुओं की टैगिंग और खानपान, इलाज, रखरखाव में लापरवाही बरती गई जो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मीनापुर में खामियां अधिक मिलने पर सेक्रेटरी इंदल राम को निलंबित कर दिया।
रमईपुर में संचालित गौशाला में आए दिन पशुओं के मरने और चारा-पानी की शिकायत मिली थी। गंभीरता को देखते हुए सीडीओ विवेक त्रिपाठी दलबल के साथ निरीक्षण को धमक पड़े। रमईपुर में निरीक्षण के दौरान पंजीकृत कुल 43 पशुओं की अपेक्षा 49 मिले। इनमें 43 पर टैग लगा था और छह पर नहीं। ग्राम प्रधान भी मौके पर नहीं मिल सके। गौशाला के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही के चलते कई पशु बीमार मिले। साफ-सफाई, चारा आदि की भी मात्रा अपर्याप्त होने से अधिकारियों ने संरक्षण प्राप्त पशुओं को हरहाल में पौष्टिक आहार हरे चारे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। पशुपालन विभाग को पशुओं के इलाज में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई। इसके बाद वह मीनापुर गौशाला पहुंचे। यहां पर चरनी और टीनशेड का निर्माण अपूर्ण मिला। शौचालय निर्माण की स्थित भी काफी खराब मिली। इसमें ग्राम पंचायत अधिकारी इंदल राम की लापरवाही प्रतीत होने पर निलंबित करने का निर्देश दिया। इसके बाद सीडीओ अभोली के हसनपुर और आनंदडीह गौशाला आश्रय स्थलों पर पहुंचे। दोनों स्थानों पर ग्राम प्रधान, सचिव को सख्त हिदायत दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।