फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनुपस्थित 16 रोजगार सेवकों का मानदेय रोका

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। डीघ विकास खंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के प्रगति की समीक्षा बैठक बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। इसमें 16 गांव के रोजगार सेवक अनुपस्थित मिले। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए सभी 16 रोजगार सेवकों का मानदेय अग्रिम आदेश तक रोक दिया। सभी से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

सभी को सौ दिन का रोजगार मुहैया कराने के लिए चल रही मनरेगा की हालत जिले में काफी खराब है। छह विकास खंडों में सबसे खराब हालत डीघ ब्लॉक की है। जहां मजदूरों को काम देने का प्रतिशत 50 फीसदी से भी कम है। मनरेगा के कार्यों की प्रगति और काम में तेजी लाने के लिए बुधवार को विकास भवन परिसर में सीडीओ विवेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक हुई। तकनीकी सहायकों, रोजगार सेवकों से रोजगार सृजन कम होने के बारे में जानकारी ली गई। सभी को निर्देश दिया गया कि गांव में अधिक से अधिक रोजगार का सृजन करें और सभी को 100 दिन का रोजगार मुहैया कराएं। मनरेगा के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। इस दौरान 90 से अधिक ग्रामसभाओं में 16 ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवक अनुपस्थित रहे। इसे लापरवाही मानते हुए सीडीओ विवेक त्रिपाठी ने बनकट खास के रोजगार सेवक अरविंद कुमार,चकमानधाता के महफूज आलम, दुगुना के जगमोहन, सेमराध के राजेश कुमार,कुड़ी खुर्द के शिवशंकर,केवटाही की ममता सिंह, खरगापुर की बबिता देवी, पुरवा की शीला यादव, सुजातपुर के दिलीप कुमार पांडेय, शिवसेवकपट्टी के अनिल कुमार, किशुनदेवपुर के उपेेंद्र पांडेय, सदाशिवपट्टी के सुनील कुमार, सागररायपुर के अनिल कुमार, बेरासपुर के कमलेश कुमार, इनारगांव के विनोद कुमार और नारेपार के प्रताप कुमार सिंह का मानदेय अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। सीडीओ ने कहा कि काम न करने वाले कर्मचरियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। मौके पर परियोजना निदेशक मनोज राय आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें