ज्ञानपुर। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म आपूर्ति के लिए आवेदन करने वाली नौ फर्में गुणवत्ता में फेल हो गईं। आईआईसीटी की प्रयोगशाला में कराई गई कपड़ों की जांच में 65 फीसदी से अधिक पॉलिस्टर युक्त कपड़े देने वाली फर्मों के सैंपल फेल हो गए। जबकि चार फर्मों के कपड़ों में पॉलिस्टर 55 से 60 फीसदी तक रहा। कम पॉलिस्टर वाली फर्में गुणवत्ता की जांच में पास हो गईं।
सरकार की ओर से हर वर्ष परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म वितरित होता है। जुलाई में स्कूल खुलने के बाद ही आपूर्ति की कवायद शुरू हो जाती है। 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे एक लाख 40 हजार से अधिक बच्चों के लिए प्रति छात्र 400-400 की दर से पांच करोड़ से अधिक का बजट भी मिल चुका है। गुणवत्ता को लेकर तीन वर्ष से उठ रहीं शिकायतों के मद्देनजर इस वर्ष बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कपड़ों की गुणवत्ता परखने के लिए 24 और 25 जुलाई को भारतीय कालीन प्रोद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) की प्रयोगशाला में भेजा। कुल 16 फर्मों के पैंट और शर्ट के अलग-अलग सैंपल भेजे गए। बुधवार को प्रयोगशाला से सैंपल की जांच रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गई। इसमें चार फर्में ही ऐसी मिलीं, जिनके पैंट और शर्ट दोनों के सैंपल सही मिले। 12 फर्मों में से चार के दोनों सैंपल फेल हो गए। आठ फर्मों के शर्ट का सैंपल फेल हो गया और पैंट का सही पाया गया। जिन फर्मों के दोनों सैंपल दुरुस्त मिले, उन्हें ही यूनिफॉर्म वितरण की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। यूनिफॉर्म आपूर्ति के लिए आवेदन करने वाली फर्म राम इंटरनेशनल सकलपुर कपसेठी का सैंपल फेल हो गया। इसी तरह रियल संस प्राइवेट लिमिटेड कानपुर और विशाल इंटरप्राइजेज पूरे गड़ेरिया का सैंपल भी फेल हो गया। जबकि जय मां विंध्यवासिनी सप्लायर पूरे गड़ेरिया मोढ़ का सैंपल पास हो गया। मनोरमा इंटरप्राइजेज पूरे गड़ेरिया मोढ़ के शर्ट का सैंपल फेल और पैंट का सही पाया गया। वीर इंटरप्राइजेज मरियमपुर जौनपुर के पैंट और शर्ट दोनों के सैंपल फेल हो गए। इसी तरह एएच इंटरप्राइजेज दरोपुर भदोही का एक सैंपल पास और दूसरा फेल, एमएस अमित सेविंग सेंटर फत्तूपुर अभोली के शर्ट का सैंपल पास और पैंट का फेल हो गया। एमएस शुक्ला गारमेंट, अभिषेक इंटरप्राइजेज धनवतिया भदोही, श्री लक्ष्मी कलेक्शन एंड गारमेंट का एक सैंपल फेल जबकि दूसरा पास रहा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि जांच में जिन फर्मों का दोनों सैंपल सही मिला है, उन्हें ही वितरण की जिम्मेदारी दी जाएगी।