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बीएसए के निरीक्षण में शिक्षक-शिक्षिका गायब, वेतन रोका

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ज्ञानपुर। 50 से 55 हजार महीने सरकारी वेतन ले रहे शिक्षक-शिक्षिकाएं बेसिक शिक्षा विभाग को भी उल्लू बनाने में पीछे नहीं रहते। ऐसा ही मामला आया है कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुर्गागंज में। जहां तैनात पति-पत्नी कई दिनों से स्कूल नहीं आ रहे थे। उनकी तरफ से एनपीआरसी को पत्र दिया गया था कि एक जुलाई को एक्सीडेंट हो गया जबकि 26 जुलाई तक रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज की गई। सोमवार को मामला तब खुला जब बेसिक शिक्षा अधिकारी निरीक्षण करने पहुुंच गए। दोनों का वेतन रोक कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
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सोमवार के दोपाहर 12 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुर्गागंज पहुंचे। यहां सभी शिक्षक और अनुदेशक मौजूद मिले लेकिन सहायक अध्यापक सुरेश मौर्य और उनकी पत्नी नीता मौर्य अनुपस्थित रहीं। एनपीआरसी मसुधी ने बताया कि प्रधानाध्यापक की ओर से लिखित अवगत कराया गया कि सुरेश मौर्य का एक जुलाई के एक्सीडेंट हो गया तभी से दोनों विद्यालय नहीं आ रहे। अध्यापक उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर पता चला कि 26 जुलाई तक उपस्थिति बनी है। बीएसए ने कहा कि इस मामले में विभाग के साथ धोखा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने दोनों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकते हुए तीन अगस्त तक खंड शिक्षा अधिकारी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा। स्पष्टीकरण न देने पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुर्गागंज गए। जहां सभी शिक्षक और अनुदेशक मौजूद रहे, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम होने के साथ बच्चे स्कूली ड्रेस में नहीं दिखे। बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि बच्चों के पठन-पाठन को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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