अपने आवास पर विधायक ने कहा कि उन्होंने 317 दिन तक जेल मे बिताया। इस दौरान उन्हें केवल एक गिला था कि वे अपने समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और विधान सभा क्षेत्र की जनता से मिल नहीं पा रहे हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के विकास को लेकर चिंतित रहता था। कहा मुझे न्यायालय पर तो पूरा भरोसा था लेकिन प्रदेश सरकार पर नहीं। मुझे इतने दिन जेल में क्यों रहना पड़ा वह हमारे क्षेत्र की जनता बखूबी जानती है। मुझे कोई सफाई देने की आवश्यकता नहीं है। कहा कि हम समाजवादी पार्टी के लोग हैं। समाजवादी का इतिहास रहा है कि हम विकट परिस्थितियों से कभी घबराए नहीं।
लगभग 12 बजे पकरी के फूलन देवी तिराहे पर जब पार्टी कार्यकर्ता और नेता विधायक का इंतजार कर रहे तो वहां पहुंची पुलिस ने सबको हट जाने का निर्देश दिया। पुलिस का तर्क था कि इस तरह के कार्यक्रम की कोई पूर्व सूचना नहीं ली गई है। लेकिन इसके बाद भी समर्थक और कार्यकर्ता वहीं विधायक का इंतजार करते रहे। इस बीच जब विधायक की गाड़ी तिराहे पर पहुंची तो साथ में पुलिस वाहन से चल रहे कोतवाली प्रभारी सच्चिदानंद पांडेय ने भीड़ को तितर बितर करने का प्रयास किया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव से उनकी बहस भी हुई। लेकिन वहां से कोई टस से मस नहीं हुआ और विधायक का स्वागत करने के बाद ही हटा।