औराई अग्निकांड में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। कई अन्य जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। जिलाधिकारी गौरांग राठी खुद इस मामले में नजर बनाये हुए हैं। प्रतिदिन अस्पतालों में पहुंच कर घायलों व परिजनों का हालचाल ले रहे हैं। हालांकि हादसे की जांच, कार्रवाई, पीड़ितों की सहायता एवं झुलसे बच्चों की पढ़ाई से जुड़े कई सवाल अब तक अनुत्तरित हैं। अमर उजाला से विशेष वार्ता में जिलाधिकारी ने इन्हीं सवालों के जवाब दिए। ये भी बताया कि अग्निकांड में मृत बच्चों की स्मृति में उनके स्कूल में स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी। प्रत्येक वर्ष स्कूल के बहादुर बच्चे को इसका लाभ मिलेगा।
सवाल : अग्निकांड में जिन परिवारों के इकलौते कमाऊ व्यक्ति की जान गई है, उनकी मदद की क्या योजना है?
जवाब : सरकार की ओर से जल्द ही मुआवजे का ऐलान होगा। प्रशासन भी मृतक के परिजनों को कृषक बीमा, श्रमिक कल्याण बोर्ड, श्रम कार्ड, आयुष्मान सहित अन्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए डाटाबेस तैयार कर रहा है।
सवाल : अस्पताल में भर्ती बच्चों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
जवाब : आपको बता दूं कि जो बच्चे इस दुखद हादसे में मारे गए हैं, उनके नाम पर उनके स्कूल में स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी। प्रत्येक वर्ष स्कूल के बहादुर बच्चों को ये स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती बच्चे जब भी स्कूल लौटेंगे, उनकी अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। फिलहाल अस्पताल में ही उन्हें पाठ्यसामग्री देने की योजना है।
अस्पताल में भर्ती लोगों के परिजन से बात करते भदोही के डीएम और एसपी
- फोटो : अमर उजाला
सवाल : मुख्य आरोपी अब तक फरार है। कैसे पकड़ेंगे?
जवाब : हमारा फोकस झुलसे लोगों पर है। आरोपी के परिजन भी घटना में झुलसे हैं। मानवीय दृष्टिकोण से गिरफ्तारी पर फोकस नहीं है, लेकिन किसी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।
सवाल : कितने अज्ञात आरोपियों की पहचान हो पाई है?
जवाब : मुकदमे में पांच अज्ञात हैं। जांच समिति की फाइनल रिपोर्ट आने पर ही पहचान हो सकेगी। वो आयोजक हों या सरकारी अधिकारी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
सवाल : भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या इंतजाम करेंगे?
जवाब : पहले चरण में जिला संयुक्त चिकित्सालय में रेडिकेटेड सेंटर (बर्न यूनिट) खोलने की तैयारी है। इसके बाद सीएचसी में ये सुविधा तैयार करेंगे। इसमें सांसद व विधायक निधि से भी मदद ली जाएगी।
सवाल : गंभीर रूप से झुलसे लोगों के बेहतर इलाज के लिए क्या उन्हें दूसरे शहरों में भेजा जाएगा?
जवाब : जहां मरीज भर्ती हैं, वहीं उन्हें उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिफ्टिंग में इंफेक्शन का भी खतरा है, इसलिए कहीं और शिफ्ट नहीं करेंगे।