ज्ञानपुर। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह पर बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने का आरोप है। जखांव निवासी अशोक कुमार मिश्रा ने अपर प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर शिकायत संग अन्य पत्र वायरल हुए।
शिकायत पत्र में कहा कि भूपेंद्र नारायण सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की बीएड की फर्जी मार्कशीट के आधार पर 16 जनवरी 1991 को जौनपुर के इम्पीरियल कॉलेज कोनार्का में असिस्टेंट टीचर के पद पर नौकरी प्राप्त की। जिस पर वह 25 अक्टूबर 2010 तक बने रहे। इसके बाद वे सहायक लेखाकार के पद पर बांदा में तैनात हुए। उसके बाद प्रतापगढ़, गोरखपुर और अब भदोही के बीएसए बने। करीब तीन साल से वह जिले में ही तैनात हैं। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में विश्वविद्यालय से सत्यापन नहीं हो सका है।
बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों की ओर से जानकारी नहीं दी गई। कई बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर की ओर से जानकारी नहीं दी गई।
मामला आईजीआरएस पोर्टल पर भी दर्ज कराया गया है। बीएसए ने कहा कि पिछले दो साल में फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी करने वाले 16 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया।
उनके खिलाफ केस दर्ज कर वेतन वसूली की जा रही है। उसमें अशोक मिश्रा भी शामिल हैं। साजिश के तहत छवि धूमिल करने के लिए आरोप लगा रहे हैं।