फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

732 आंगनवाड़ी केंद्रो पर नहीं है वेइंग मशीन

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। शासन की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल कुपोषण खत्म करने की मुहिम को वेइंग मशीन से झटका लग रहा है। इससे विशेष अभियान से लेकर हर महीने कुपोषित बच्चों के वजन को लेकर केंद्रों पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के 1483 आंगनबाड़ी केंद्रों के मुकाबले 732 केंद्रों पर मशीन नहीं है। डीएम के निर्देश के बाद भी अब तक मशीन की खरीद नहीं हो सकी है। इसके पीछे प्रधान और आशा कार्यकर्ताओं की उदासीनता सामने आई है। कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज समेत कई विभागों को शामिल किया गया है। इससे कुपोषित बच्चों को पोषाहार वितरण, स्वास्थ्य की जांच आदि प्रक्रिया की जाती है। जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों को साल में एक या दो बार वजन दिवस के रूप में वजन किया जाता है, जबकि हर महीने कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए वजन करना पड़ता है, लेकिन 50 फीसदी केंद्रों पर वेइंग मशीन न होने या खराब होने की स्थिति में कागजों पर ही वजन किया जाता है। जानकारों की मानें तो मशीन से हर समय बच्चों का वजन होते रहना चाहिए। जब मशीन ही खराब है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों का वजन अब तक किस तरह से करती आ रही हैं। आइसीडीएस विभाग के रिकार्ड पर गौर किया जाए तो जिले के सात बाल विकास परियोजनाओं में 1483 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। 732 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन मशीन नहीं है। डीपीओ राजीव कुमार सिंह का कहना है कि कई बार पत्र लिखने के बाद अब प्रयास शुरू हुए है। आशा और प्रधान के संयुक्त खाते से खरीद होनी है। डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रक्रिया चल रही है। दिसंबर तक सभी केंद्रों पर वेइंग मशीन हो जाएगी।
विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्रों पर अव्यवस्था
ज्ञानपुर। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत दयनीय हो चुकी है। करीब एक से डेढ़ दशक बाद 1483 केंद्रो में 859 में बिजली नहीं पहुंच सकी तो 439 में पेयजल की सुविधा मयस्सर नहीं है। आलम यह है कि 628 केंद्रों पर शौचालय की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इससे केंद्रों पर पंजीकृत जीरो से पांच वर्ष के करीब 50 हजार से अधिक बच्चों को कठिनाइयों से जूझना पड़ता है।
2.25 लाख बच्चे पंजीकृत
ज्ञानपुर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो लाख 25 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें 15 हजार बच्चे कुपोषित और छह हजार अति कुपोषित है। एक साल के अंदर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की संख्या 50 फीसदी कम हो गई, हालांकि वेइंग मशीन न होने से बच्चों को वजन करने में दिक्कत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें