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Bhadohi: अहमदाबाद से लौट रहे एक युवक की ट्रेन में मौत, साथ में तीन और युवक भी थे, क्या है मामला ?

Sun, 20 Nov 2022 10:55 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही

सार

शिवधार के पुत्र राजकुमार समेत तीन अन्य युवक बृजेश, राहुल और अखिलेश एक वर्ष पूर्व नौकरी करने अहमदाबाद गए थे। पूर्व प्रधान ने बताया कि चारों घर आने के लिए 19489 गोरखपुर एक्सप्रेस से शुक्रवार को सुबह 9.25 बजे रवाना हुए थे। बताया कि ट्रेन मैहर पहुंचने से पहले ही राजकुमार की तबियत अचानक बिगड़ गई थी और मैहर पहुंचते पहुंचते उसने दम तोड़ दिया था। ट्रे
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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ट्रेन से अहमदाबाद से घर वापसी कर रहे चार युवकों में से एक की हालत ट्रेन में ही बिगड़ जाने के बाद मैहर स्टेशन के पास उसकी मौत हो गई। मृतक राजकुमार यादव (20) पुत्र शिवधार यादव भदोही ब्लाक के रघुनाथपुर ग्राम का निवासी है। बाकी तीन युवकों में एक रघुनाथपुर और बाकी दो मर्दनपुर के हैं। गांव के पूर्व प्रधान द्वारिका यादव उनके परिजनों के साथ एंबुलेंस से वाराणसी जाकर मृतक युवक और बाकी तीनों को घर आए हैं। युवक का भोगांव घाट कर शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में कोहराम मचा हुआ है।
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जानकारी के अनुसार शिवधार के पुत्र राजकुमार समेत तीन अन्य युवक बृजेश, राहुल और अखिलेश एक वर्ष पूर्व नौकरी करने अहमदाबाद गए थे। पूर्व प्रधान ने बताया कि चारों घर आने के लिए 19489 गोरखपुर एक्सप्रेस से शुक्रवार को सुबह 9.25 बजे रवाना हुए थे। बताया कि ट्रेन मैहर पहुंचने से पहले ही राजकुमार की तबियत अचानक बिगड़ गई थी और मैहर पहुंचते पहुंचते उसने दम तोड़ दिया था। ट्रेन में साथ आ रहे युवकों से मौत की सूचना मिलते ही राजकुमार के घर और गांव में कोहराम मच गया। उधर सूचना पाकर पूर्व प्रधान द्वारिका यादव, नंदलाल यादव, दूधनाथ यादव व लाल बहादुर यादव एंबुलेंस व एक निजी वाहन लेकर वाराणसी रवाना हो गए। जहां ट्रेन के शनिवार को दोपहर 1 बजे कैंट स्टेशन पहुंचने पर शव सहित बाकी तीनो युवकों को घर ले आए।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
चार भाईयों में सबसे छोटा था राजकुमार
भदोही। चार भाईयों में राजकुमार सबसे छोटा था। उससे बड़े तीन भाई भी परदेस रह कर जॉब करते हैं। राजकुमार भी पिछले वर्ष कामकाज की नियत से बाकी युवकों के साथ अहमदाबाद गया था। जहां एक कपड़ा मिल में काम करने लगा था। एक वर्ष के बाद चारों एक साथ घर आने के लिए टिकट बनवाए थे। लेकिन संयोग से नियति को मंजूर नहीं था कि वह घर पहुंच सके। राजकुमार की मौत की सूचना तो पहले ही गांव मिल गई थी, लेकिन हर कोई उसकी माता को उसकी मौत की सूचना देने से कतरा रहा था। जब पूर्व प्रधान राजकुमार का शव लेकर घर पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। राजकुमार के घर पर पहले से सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। हर कोई राजकुमार की मौत पर बिलख रहा था। लोग कह रहे थे कि तीनों भाई बाहर रहते थे। पिता भी नहीं थे। बेटे की मौत की खबर सुनकर जब गांव वाले सहन नहीं कर पा रहे थे तो उसकी मां को कौन सूचना देगा।
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