तेरहवीं तक निभाया मालिक मुलाजिम का संबंध
मुस्लिम परिवार ने कराई अपने कर्मचारी की तेरहवीं
खान परिवार ने पेश की आपसी सौहार्द की मिसाल
अमर उजाला ब्यूरो
भदोही। भदोही केवल अपनी मखमली कालीनों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है। जब कभी मौका मिला है कालीन नगरी ने गंगा जमुनी तहजीब का उदाहरण भी दुनिया के सामने पेश किया है। ऐसा ही एक ताजा उदाहरण हरिरामपुर के मुस्लिम व्यवसायी परिवार ने अपने एक हिंदू मुलाजिम के निधन के बाद उसकी तेरहवीं आयोजित कर की। आज जो भी इस खबर को सुन रहा है वह इस परिवार की प्रशंसा करते नहीं थक रहा है।
हरिरामपुर में इरफान अहमद खां और फरीद अहमद खां का पाल्ट्री फार्म का व्यवसाय है। उन्होंने बताया कि मुरारीलाल श्रीवास्तव एक दशक से अधिक समय से उनके यहां काम करते थे। वहीं पर रहते भी थे। भले ही वे काम करते थे लेकिन इन वर्षों में दोनों का आपस में विश्वास की जड़ें बेहद मजबूत हो गई थी। बताया कि गत 13 जून को उनका मुरारी लाल का निधन हो जाने के बाद खान परिवार को गहरा धक्का लगा और कई दिन तक परिजन शोक में डूबे रहे। उनका हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने के बाद तय किया गया कि उनकी आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं भी की जाएगी। गत 26 जून को हरिरामपुर में भारी संख्या में ग्रामीण और संभ्रांत लोगों ने तेरहवीं में हिस्सा लिया और गतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जिसकी आज खूब चर्चा हो रही है। ब्राह्मण भोज में शामिल पप्पू तिवारी ने कहा कि सौहार्द की डोर को मजबूत बनाने के लिए ऐसा परस्पर सोचना होगा। यह स्वस्थ समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है और पूरे देश को रास्ता दिखाने का काम करता है।