इस मौके पूर्व छात्र आपस में मिल कर भाव विभोर हो गए और एक दूसरे के प्लेसमेंट के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर कार्यक्रम में निदेशक प्रो,केके गोस्वामी ने कहा कि हम हालांकि अपने छात्रों की प्लेसमेंट में शुरू से सहयोग करते आए हैं लेकिन हमारी प्रबल इच्छा रहती है कि ये छात्र नवउद्यमी बनकर दिखाएं।
भाग लेने वाले कई ऐसे छात्र रहे जो खुद अपना उद्यम चला रहे हैं।
निदेशक ने कहा कि वर्ष 2001 में संस्थान में बीटेक इन कारपेट टेक्नालाजी की शुरूआत हुई थी।
आज डेढ़ दशक में हम अपने पूर्व छात्रों को अच्छे ओहदों पर देखकर कह सकते हैं आईआईसीटी ने उनके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कई छात्रों के नाम लिए और कहा कि आज वे जहां भी हैं अपने क्षेत्र में आईआईसीटी का झंडा गाड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि ओबीटी जैसी कालीन संस्थान में हमारे 17 छात्र कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि पहली बार इस तरह का आयोजन हो रहा है लेकिन अब यह हर वर्ष होगा ताकि पूराने छात्रों की उपस्थिति से नए छात्र कुछ सीख सकें।
इस दौरान आईआईसीटी एल्युमनाई एसोसिएशन का गठन कर इसके पदाधिकारियों का चयन किया गया जिसका अध्यक्ष विकास वर्मा को बनाया गया।
नवनियुक्त महासचिव विनय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस संगठन का उद्देश्य केवल और केवल नए और पुराने छात्रों का आपस में मिलना और एक दूसरे का परस्पर सहयोग करना है।
उन्होंने कहा कि कई बार पुराने छात्र नए छात्रों के लिए राह बन जाते हैं। हम भी एक दूसरे के लिए ऐसा ही कुछ करना चाहते हैं।
कार्यक्रम के आयोजन वर्तमान छात्रों गौरव यादव, राहुल पटिदार, गोल्डन मिश्र, आदित्य, निलय पटिदार, शुभम आदि का व्यापक योगदान रहा। प्रो,एसके पाल, बीडी दीक्षित और सिद्धार्थ शुक्ला ने भी संबोधित किया।
समा रहे थे।