महिलाओं को अधिकारों को लेकर जागरूक होने का आह्वान किया।
मुख्यअतिथि प्रभारी जिला जज चंद्रोदय कुमार ने कहा कि वैदिक काल से नारी की पूजा की जाती रही है। क्योंकि वेदों में उल्लेख है। जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता भी निवास करते हैं। वर्तमान समय में भी नारियाें की भागेदारी कम नहीं है। इसलिए समाज में नारी का बराबर स्थान हमेशा उचित है। लेकिन लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी घटना अनुचित है। इस पर कड़ाई से रोक होनी चाहिए। सिविज जज आशीष वर्मा ने नारियों का मां, बहन, बेटी समेत कई रूप बताया। उनका राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय सहयोग रहा है। मां बच्चे के लिए प्रथम गुरू होती है, वह शिक्षा और संस्कार भी देती है। जिससे व्यक्ति के व्यक्त्वि में जीवन पर्यंत काम आता है। इससे समाज और राष्ट्र का निर्माण भी होता है। अन्य वक्ताओं ने महिलाओं को अपने अधिकार के लिए तत्पर और अन्याय के खिलाफ मुखर रहने पर जोर दिया। इस मौके पर डिप्टी जेलर जेपी वर्मा, डॉ.संजय त्रिपाठी, अधिवक्ता पंकज कुमार, ललित कुमार समेत मौजूद रहे।
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संस्था ने महिलाओं को किया जागरूक
ब्यूरो
ज्ञानपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को जोरई में जन कल्याण समिति की ओर से महिला जागरूकता कार्य क्रम आयोजित किया गया। संस्था प्रबंधक स्नेहलता दुबे ने महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि उन्हें संविधान ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण आदि अधिकार दिए हैं। आशा साजिदा बेगम ने महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाओं के अलावा कन्या भ्रूण हत्या आदि पर जानकारी दी।