उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और प्रदर्शन कर विरोध जताया। राज्यपाल को संबोधित चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपकर प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता देखकर सरकार बौखला गई है।
वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार वर्तमान में हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।
लखनऊ में प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे कांग्रेसियों का हुजूम देखकर सरकार के होश उड़ गए। प्रजातंत्र की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल प्रयोग कराया गया।
इसमें प्रमोद तिवारी, राज बब्बर, रीता बहुगुणा जोशी, प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को चोटे आईं। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा, उपाध्यक्ष माबूद खां आदि ने विचार व्यक्त किए। प्रशासन को दिए चार सूत्री ज्ञापन में वरिष्ठ नेताओं पर लाठीचार्ज करने के मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, सरकारी भर्तियों में व्याप्त जातिवाद को समाप्त करने, प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधार करने की मांग की है। इस मौके पर लवकुश नारायण मिश्र, प्रेम बिहारी उपाध्याय, सुरेशचंद उपाध्याय, गुलजारी लाल, रत्नेश मिश्र, संजीव, जयशंकर दुबे, जान मोहम्मद, कुलदीप, संजय मिश्र, राम गोपाल पासी, महमूद आलम आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पत्नी के निधन पर शोक जताया गया।