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Bhadohi News: 25 जगहों पर लगेंगे बैरियर, 24 घंटे रहेगा इलाज के लिए विशेष इंतजाम

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ज्ञानपुर। आगामी 20 जुलाई को श्रावण मास की शुरुआत होते ही वाराणसी-प्रयागराज हाईवे का उत्तरी लेन बंद कर दिया जाएगा। कांवड़ियों के लिए आरक्षित इस लेन पर इस बार विशेष सुविधाएं मिलेंगी। जिसमें स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे आकस्मिक सेवा के साथ प्रमुख जगहों पर शौचालय और पेजयल के समुचित इंतजाम होंगे। हाईवे प्राधिकरण सिर्फ जिले में 25 जगहों पर बैरियर लगाकर उत्तरी लेन पर आवागमन बंद करेगा। हालांकि बैरियर की संख्या जरूरत के हिसाब से बढ़ या घट सकती है।
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वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के 72 किमी के दायरे में 43 किमी दायरा भदोही जिले में पड़ता है। हर साल श्रावण महीने की शुरूआत होते ही शिवभक्त कांवड़ियों के लिए हाईवे के उत्तरी लेने को आरक्षित कर दिया जाता है। इस बार सावन महीने की शुरुआत 20 जुलाई से हो रही है। जिसे देखते हुए 20 जुलाई से एक महीने तक के लिए हाईवे के उत्तरी लेन पर आवगमन बंद कर दिया जाएगा।
इस बार हाईवे पर कांवड़ियों के लिए विशेष इंतजाम होंगे। जिससे शिवभक्तों को मार्ग में कठिनाई न हो। जिला प्रशासन की ओर से हाईवे पर स्थित सभी अस्पतालों और थानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत अस्पतालों में 24 घंटे आकस्मिक सेवा मिलने के साथ ही हाईवे के थानों पर एबुलेंस तैनात रहेगी। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर तत्काल मदद मिलेगी।
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इसके अलावा हाईवे के उत्तरी लेन पर चलने वाले कांवड़ियों की सुविधा के लिए लालानगर टोल प्लाजा और औराई रोडवेज बस स्टेशन के पास स्थित टॉयलेट और पेयजल के संसाधनों को दुरूस्त किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन हाईवे प्राधिकरण को निर्देशित कर चुका है। इसके अलावा हाईवे के उत्तरी लेन संपर्क मार्ग, कट प्वाइंट के साथ-साथ फ्लाईओवर के नीचे बैरियर नहीं लगाए जाएंगे। बैरियर प्रमुख मार्ग व चौराहों के फ्लाईओवर के नीचे नहीं लगेंगे, लेकिन यहां 24 घंटे पुलिस की तैनाती होगी। उत्तरी लेन पर जितने भी बैरियर होंगे। वहां 24 घंटे पुलिस तैनात रहेगी।
एक लेन ही गुजरेंगे 12 हजार से अधिक वाहन
वाराणसी प्रयागराज हाईवे पर लालानगर टोल प्लाजा के मैनेजर श्यामबीर यादव ने बताया कि हाईवे पर प्रतिदिन 12 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसमें 20 से 25 फीसदी छोटे वाहन और लगभग 75 फीसदी बड़े और भारी वाहनों गुजरते हैं। टोल प्लाजा से मिले आंकड़ों के अनुसार उत्तरी लेन बंद होने से अब इन सभी वाहनों का भार दक्षिणी लेन पर आ जाएगा। प्राधिकरण के कार्यदायी संस्था के अनुसार इससे कुछ तकनीकी दिक्कतें होती हैं।
उत्तरी लेन बंद होने से क्या-क्या हो सकती है परेशानी
- दक्षिणी से उत्तरी लेन पर आने का संपर्क टूट जाएगा।
- एक लेन से दूसरे लेन पर जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना होगा।
- एक दिन 12 हजार वाहनों का दबाव एक ही लेन पर होगा।
- एक ही लेन से आवागमन के कारण दुर्घटना की संभावना अधिक।
- जिन किसानों के खेत उत्तरी लेन पर हैं। उन्हें कृषि कार्य में समस्या।

कांवड़ियां कांड के बाद से ही आरक्षित होने लगा उत्तरी लेन
जिले के ऊंज क्षेत्र में सात अगस्त 2007 को किसी वाहन से दबकर एक कांवरियां की मौत हो गई। जिसके बाद सैकड़ों कांवड़ियों ने चक्काजाम कर दिया। इस बीच कांवड़ियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। बताया जाता है कि पुलिस की गोलीबारी में एक कांवरियां और एक बच्चे की मौत हो गई। इस मामले में 20 के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से ही हाईवे के उत्तरी लेन को कांवड़ियों के आरक्षित किया जाने लगा।
बीते साल 37 स्थानों पर लगे थे बैरियर
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के रखरखाव करने वाली कार्यदायी संस्था के सीनियर इंजीनियर विपुल चौहान ने बताया कि बीते साल हाईवे के 72 किमी दायरे में करीब 52 कट प्वाइंट लगाए गए थे। भदोही जिले की 43 किमी सीमा में पहली बार में 25 जगह पर बैरियर लगे थे। बाद में जिला प्रशासन के आदेश पर 12 अन्य जगहों पर भी लगाया गया। इस बार भी कम से कम 25 जगहों पर लगाया जाएगा, क्योंकि इस बार कई अवैध कट प्वाइंट पहले ही बंद कर दिए गए हैं।
हाईवे के उत्तरी लेन पर कांवड़ियों की सुरक्षा के साथ ही आवागमन में कोई परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। हाईवे के थानों पर एबुलेंस तैनात रहेगी। वहीं अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी चिकित्सा की सुविधा होगी। उत्तरी लेन पर लाइट की भी समुचित व्यवस्था करने की तैयारी है। - विशाल सिंह, जिलाधिकारी।
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